अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَوْمَ يَأْتِ: उस दिन (क़ियामत का दिन) जब वह आएगा।
- لَا تَكَلَّمُ نَفْسٌ: कोई भी प्राणी बोल नहीं सकेगा।
- إِلَّا بِإِذْنِهِ: सिवाय अल्लाह की अनुमति के।
- شَقِيٌّ: अभागा, जो अल्लाह की अवज्ञा के कारण दंड का हकदार है।
- سَعِيدٌ: भाग्यशाली, जो अल्लाह की रहमत से जन्नत का अधिकारी है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ियामत के उस भयानक दिन का वर्णन करती है जब अल्लाह तआला सभी लोगों को इकट्ठा करेगा। उस दिन की दहशत और महानता का अंदाज़ा इसी से लगाइए कि वहाँ किसी को बोलने की इजाज़त नहीं होगी। हर ज़ुबान खामोश हो जाएगी, हर आवाज़ दब जाएगी, और सिर्फ़ अल्लाह का हुक्म चलेगा। कोई भी व्यक्ति—चाहे वह नबी हो, वली हो या आम इंसान—बिना अल्लाह की अनुमति के एक शब्द भी नहीं बोल सकेगा। यहाँ तक कि शफ़ाअत (सिफ़ारिश) का अधिकार भी सिर्फ़ उन्हीं को मिलेगा जिन्हें अल्लाह ने इजाज़त दी होगी।
इस दिन सभी इंसान दो हिस्सों में बंट जाएँगे:
- शक़ी (अभागा): वह व्यक्ति जिसने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, गुनाहों में डूबा रहा, और तौबा नहीं की—उसका अंजाम जहन्नम की आग होगी।
- सईद (भाग्यशाली): वह व्यक्ति जिसने ईमान लाया, नेक अमल किए, अल्लाह की इबादत की और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चला—उसका अंजाम जन्नत की नेमतें होंगी।
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज का दिन वह दिन है जब हमारे पास बोलने, फैसले करने और कमाई करने की आज़ादी है। आज हम अपनी ज़ुबान से अच्छे शब्द बोल सकते हैं, अल्लाह का ज़िक्र कर सकते हैं, और अपने आख़िरत के लिए अच्छे कर्म जमा कर सकते हैं। क़ियामत के दिन यह सब बंद हो जाएगा।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़ुबान का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। आज हम जो भी बोलते हैं, अल्लाह उसे लिख रहा है। क़ियामत के दिन हमारी ज़ुबान हमारे खिलाफ़ गवाही देगी। इसलिए आज ही से अपनी ज़ुबान को अच्छी बातों, ज़िक्र, तिलावत और दूसरों को भलाई की तरफ़ बुलाने के लिए इस्तेमाल करें। अल्लाह तआला ने हमें रहमत से नवाज़ा है कि हमें आज तौबा का मौक़ा दिया है। आज हम चाहें तो अपने अंजाम को बदल सकते हैं—शक़ी (अभागे) की सूची से निकलकर सईद (भाग्यशाली) की सूची में शामिल हो सकते हैं। अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खुले हैं, बस ज़रूरत है सच्चे दिल से उसकी तरफ़ पलटने की। याद रखिए, आज का फैसला हमारे हाथ में है, कल का फैसला अल्लाह के हाथ में होगा।
📜 आयत 103-107 — हूद
अनुवाद — हूद 105
सूरा हूद आयत 105 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन वह आ पहुँचेगा तो बग़ैर हुक्मे ख़ुदा कोई…सूरा आयत 105/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 103–107. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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