Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُرِيدُ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا وَزِينَتَهَا: जो अपने कर्मों से केवल दुनिया और उसकी सजावट (धन, मान-सम्मान, सुख-सुविधाएँ) चाहता है।
- نُوَفِّ إِلَيْهِمْ أَعْمَالَهُمْ: हम उन्हें उनके कर्मों का पूरा-पूरा बदला दे देंगे।
- لَا يُبْخَسُونَ: उन्हें किसी चीज़ में कमी नहीं दी जाएगी, न ही उनका हक़ मारा जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अपने अच्छे कर्म (जैसे नमाज़, रोज़ा, दान, भलाई) करते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल दुनिया की चीज़ें हासिल करना होता है — जैसे धन कमाना, नाम कमाना, स्वास्थ्य और सुख-सुविधाएँ पाना, या लोगों की प्रशंसा पाना। वे आख़िरत (परलोक) के बदले या अल्लाह की रज़ा के लिए कर्म नहीं करते।
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि ऐसे लोगों को हम उनके कर्मों का बदला इसी दुनिया में पूरा-पूरा दे देते हैं — उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, रिज़्क़ में खुशहाली, और मनचाही चीज़ें प्राप्त होती हैं। उनके कर्मों में कोई कमी नहीं की जाती, उनका हक़ पूरा दिया जाता है। लेकिन आख़िरत में उनका कोई हिस्सा नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने अपने कर्म केवल दुनिया के लिए किए थे, अल्लाह के लिए नहीं।
यह आयत उन लोगों के लिए चेतावनी है जो दिखावे के लिए या केवल दुनियावी फ़ायदे के लिए अच्छे काम करते हैं। उनका इनाम उन्हें इसी दुनिया में मिल जाएगा, और आख़िरत में उनके पास कोई अच्छाई नहीं बचेगी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- नीयत की पवित्रता बहुत ज़रूरी है — कर्म केवल अल्लाह की रज़ा के लिए होने चाहिए, न कि दुनिया के लिए।
- जो लोग दुनिया के लिए कर्म करते हैं, वे दुनिया में तो सुख पा सकते हैं, लेकिन आख़िरत में उनका कुछ नहीं बचता। यह एक बड़ी घाटे की बात है।
- अल्लाह न्यायपूर्ण है — वह किसी का हक़ नहीं मारता, लेकिन उसकी रज़ा के बिना किया गया कर्म आख़िरत में बेकार है।
- मुसलमान को चाहिए कि वह अपने हर अच्छे काम में नीयत को सुधारे — केवल अल्लाह की खुशी और आख़िरत की सफलता को सामने रखे, ताकि उसका कर्म दुनिया और आख़िरत दोनों में काम आए।
📜 आयत 13-17 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 15
सूरा हूद आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : नेकी करने वालों में से जो शख़्श दुनिया की ज़िन्दगी…सूरा आयत 15/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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