Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَجْرَاهَا: उसका (नाव का) चलना।
- مُرْسَاهَا: उसका रुकना और ठहरना (लंगर डालना)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब पानी का सैलाब आ गया और धरती पर हर ओर पानी ही पानी हो गया, तो नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपने ईमानवाले साथियों से कहा: "इस नाव में सवार हो जाओ।" उन्होंने उन्हें यह भी सिखाया कि इस सवारी का आरंभ और अंत, दोनों अल्लाह ही के नाम से होगा। अर्थात् जब नाव चलेगी तो अल्लाह के नाम से चलेगी, और जब रुकेगी तो भी अल्लाह ही के नाम से रुकेगी। यह सिखाना इसलिए था कि वे अपने दिलों में अल्लाह का भरोसा रखें और उसी से मदद माँगें, क्योंकि नाव को चलाने और रोकने वाला वास्तव में अल्लाह ही है। फिर नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपने साथियों को यह खुशखबरी दी कि उनका रब बहुत क्षमाशील और अत्यंत दयावान है। उसकी क्षमा उन लोगों के लिए है जो अपने गुनाहों से तौबा करके उसकी ओर लौटते हैं, और उसकी दया का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उसने अपने ईमानवाले बंदों को इस भयानक तूफान से बचाकर नाव में सवार होने का मार्ग दिखाया।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- हर काम की शुरुआत "बिस्मिल्लाह" से करनी चाहिए, चाहे वह छोटा हो या बड़ा। इससे काम में बरकत होती है और अल्लाह की मदद मिलती है।
- मुसीबत के समय अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए। नूह (अलैहिस्सलाम) ने सिखाया कि सबसे बड़ी मुसीबत में भी अल्लाह का नाम लेना ही सुरक्षा का ज़रिया है।
- अल्लाह की क्षमा और दया बहुत व्यापक है। जो भी सच्चे दिल से तौबा करके उसकी ओर लौटता है, अल्लाह उसे माफ कर देता है और अपनी रहमत से नवाज़ता है।
- मुसीबत से निजात पाने के बाद अल्लाह की नेमतों को याद करना और उसका शुक्र अदा करना चाहिए, जैसा कि नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपने साथियों को अल्लाह की रहमत की याद दिलाई।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सफर हो या कोई और काम, उसकी शुरुआत और अंत दोनों अल्लाह के नाम से होने चाहिए, ताकि हर काम में अल्लाह की रक्षा और सहायता हासिल हो।
📜 आयत 39-43 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 41
सूरा हूद आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और नूह ने (अपने साथियों से) कहा बिस्मिल्ला मज़रीहा मुरसाहा…सूरा आयत 41/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


