Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الرَّوْعُ: भय, डर।
- الْبُشْرَى: शुभ सूचना, खुशखबरी।
- يُجَادِلُنَا: हमसे वाद-विवाद करना, हमारे फैसले पर चर्चा करना (यहाँ अर्थ है: हमारे दूतों से बहस करना)।
तफसीर:
जब हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का वह भय दूर हो गया जो उन्हें अपने मेहमानों के भोजन न करने के कारण हुआ था, और उन्हें यह पता चल गया कि ये मेहमान अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते हैं, और उन्हें यह शुभ सूचना दी गई कि उनके यहाँ इसहाक (अलैहिस्सलाम) पैदा होंगे और उनके बाद याक़ूब (अलैहिस्सलाम) होंगे, तो उन्होंने अपनी इस खुशी के बावजूद अल्लाह के फ़रिश्तों से हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के बारे में बहस करना शुरू कर दिया। उनका यह ज़िद्दो-जहद इसलिए था कि शायद अल्लाह उस क़ौम पर आने वाली यातना को टाल दे, या कम से कम हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) और उनके परिवार को उस यातना से बचा लिया जाए। यह बहस उन्होंने अल्लाह के फ़ैसले पर आपत्ति के तौर पर नहीं की, बल्कि यह उनकी दयालुता, रहमदिली और अपने भतीजे हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के प्रति प्रेम के कारण थी। फ़रिश्तों ने उन्हें आश्वस्त किया कि अल्लाह का फ़ैसला पहले ही तय हो चुका है, और हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) और उनके परिवार को बचा लिया जाएगा, सिवाय उनकी पत्नी के जो यातना में रह जाएगी।
फ़ायदे:
- अल्लाह के नबी भी अपनी रहमत और दयालुता के कारण गुनाहगारों के लिए शफ़ाअत और दुआ करते हैं, यह हमारे लिए सीख है कि हमें भी दूसरों के लिए रहम और भलाई की दुआ करनी चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाए, तो उस पर राज़ी रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का फ़ैसला हमेशा हिकमत (बुद्धिमत्ता) पर आधारित होता है।
- नबियों की शान यह है कि वे अल्लाह की इबादत के साथ-साथ अपनी उम्मत के लिए नर्मी और शफ़क़त रखते हैं, और हमें भी अपने समाज के लिए इसी तरह की भलाई की भावना रखनी चाहिए।
- यह आयत हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के मर्तबे को दर्शाती है कि वे अल्लाह के ख़लील (दोस्त) हैं, और उनकी बहस भी अल्लाह की रज़ा के अनुसार ही थी।
📜 आयत 72-76 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 74
सूरा हूद आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब इबराहीम (के दिल) से ख़ौफ जाता रहा और…सूरा आयत 74/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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