Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَمْرِ اللَّهِ: अल्लाह का आदेश और उसका फ़ैसला।
- رَحْمَتُ اللَّهِ: अल्लाह की दया और करुणा।
- بَرَكَاتُهُ: उसकी बरकतें (अपार भलाइयाँ और वृद्धि)।
- أَهْلَ الْبَيْتِ: घर वाले, यहाँ अर्थ है इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का परिवार।
- حَمِيدٌ: अपने गुणों और कार्यों में प्रशंसित।
- مَجِيدٌ: बड़ी महिमा, ऊँचाई और सम्मान वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़रिश्तों ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की पत्नी सारा को उनके बुढ़ापे में बेटे (इस्हाक) के जन्म की खुशखबरी सुनाई, तो वह आश्चर्य में पड़ गईं और कहने लगीं कि मैं बूढ़ी हूँ और मेरे पति भी बूढ़े हैं, यह कैसे हो सकता है? इस पर फ़रिश्तों ने उन्हें समझाया: "क्या तुम अल्लाह के आदेश और उसके फ़ैसले पर आश्चर्य करती हो?" यानी अल्लाह की क़ुदरत के आगे कोई चीज़ असंभव नहीं है। वह जब चाहता है, किसी भी हालत में पैदा कर सकता है। फिर उन्होंने कहा: "अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें तुम पर हैं, ऐ घर वालों (इब्राहीम के परिवार)!" यह उनके लिए दुआ और सम्मान की बात थी कि अल्लाह ने तुम्हें नबुव्वत, रहमत और बरकतों से नवाज़ा है। अंत में फ़रिश्तों ने कहा: "बेशक अल्लाह हमीद है (अपने सभी कार्यों में प्रशंसित) और मजीद है (बड़ी महिमा और ऊँचाई वाला)।" यानी उसकी हर क्रिया में हिकमत और भलाई है, और वह अपनी शान में बेहद बुलंद है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की क़ुदरत किसी उम्र या हालत की पाबंद नहीं है। जब वह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो उसे 'हो जा' कहता है और वह हो जाती है। इसलिए मुसलमान को अल्लाह के फ़ैसलों पर पूरा भरोसा रखना चाहिए और आश्चर्य नहीं करना चाहिए।
- अल्लाह की रहमत और बरकतें उन लोगों पर होती हैं जो उसके नेक बंदे होते हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआ माँगते रहना चाहिए।
- अल्लाह हमीद और मजीद है — यानी उसकी हर अता और हर फ़ैसला प्रशंसा के योग्य है, चाहे वह हमारी समझ में न आए। यह हमें सब्र और शुक्र की तालीम देता है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि नेक लोगों के घराने पर अल्लाह की ख़ास रहमत होती है, और यह एक बड़ी नेमत है जिसकी क़द्र करनी चाहिए।
📜 आयत 71-75 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 73
सूरा हूद आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह फरिश्ते बोले (हाए) तुम ख़ुदा की कुदरत से ताज्जुब…सूरा आयत 73/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


