अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُوَّةً (क़ुव्वतन): शक्ति, सामर्थ्य, सहायक और समर्थक।
- آوِي (आवी): शरण लेना, पनाह लेना, किसी की ओर झुकना।
- رُكْنٍ شَدِيدٍ (रुक्निन शदीद): मज़बूत सहारा, शक्तिशाली क़बीला या ऐसा गोत्र जो सुरक्षा प्रदान कर सके।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उनकी नसीहत को ठुकरा दिया और अपने घिनौने काम (बदकारी) पर अड़ी रही, तो आपने उनसे कहा: "काश! मेरे पास तुम्हारे मुक़ाबले की ताक़त होती, या मेरे पास कोई मज़बूत सहारा होता — जैसे कोई शक्तिशाली क़बीला या रिश्तेदार जो मेरी मदद करता — तो मैं तुम्हें इस बुराई से रोकता और अपने मेहमानों को तुम्हारे हाथों से बचाता।"
यह कथन हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की मजबूरी और दुख को दर्शाता है। वे चाहते थे कि उनके पास कोई सांसारिक शक्ति या क़बीलाई पृष्ठभूमि होती तो वे इस बुराई को रोक पाते। लेकिन वे अकेले थे और उनकी क़ौम ने उनकी बात नहीं मानी। यहाँ से यह स्पष्ट होता है कि नबी भी इंसान होते हैं और सामान्य मानवीय कमज़ोरियों से गुज़रते हैं, लेकिन वे हमेशा अल्लाह की इच्छा के आगे सिर झुकाते हैं।
फ़ायदे (सबक):
- बुराई के ख़िलाफ़ उठना: यह आयत सिखाती है कि बुराई और अश्लीलता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना हर हाल में ज़रूरी है, चाहे इंसान अकेला ही क्यों न हो। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अकेले होते हुए भी अपनी क़ौम को रोकने की पूरी कोशिश की।
- ताक़त का सही इस्तेमाल: अगर अल्लाह किसी को ताक़त, धन या सामाजिक हैसियत देता है, तो उसे नेकी के कामों में और बुराई रोकने में इस्तेमाल करना चाहिए। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की तमन्ना थी कि उनके पास ताक़त होती तो वे इस बुराई को रोकते।
- अल्लाह पर भरोसा: जब इंसान के पास कोई सहारा नहीं होता, तो उसे अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की यह बात उनकी बेबसी को दर्शाती है, लेकिन उन्होंने अल्लाह से ही मदद की उम्मीद रखी, और अल्लाह ने अपने फ़रिश्तों को भेजकर उन्हें बचा लिया।
- मेहमानों की इज़्ज़त: इस आयत से मेहमानों की इज़्ज़त और उनकी हिफ़ाज़त की अहमियत भी सीख मिलती है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपने मेहमानों (फ़रिश्तों) को बचाने के लिए अपनी पूरी कोशिश की।
- समाज की ज़िम्मेदारी: यह आयत बताती है कि समाज में बुराई को रोकने के लिए सिर्फ़ अकेले इंसान की नहीं, बल्कि पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है। अगर क़बीले, रिश्तेदार और समाज मिलकर नेकी का साथ दें, तो बुराई को रोका जा सकता है।
📜 आयत 78-82 — हूद
अनुवाद — हूद 80
सूरा हूद आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लूत ने कहा काश मुझमें तुम्हारे मुक़ाबले की कूवत होती…सूरा आयत 80/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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