हूद · 81/123
अनुवाद उच्चारण — हूद
قَالُوا يَا لُوطُ إِنَّا رُسُلُ رَبِّكَ لَن يَصِلُوا إِلَيْكَ ۖ فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ إِلَّا امْرَأَتَكَ ۖ إِنَّهُ مُصِيبُهَا مَا أَصَابَهُمْ ۚ إِنَّ مَوْعِدَهُمُ الصُّبْحُ ۚ أَلَيْسَ الصُّبْحُ بِقَرِيبٍ ۝٨١
Qaaloo yaa Lootu innaa Rusulu Rabbika lai yasiloo ilaika fa asri bi ahlika biqit `im minal laili wa laa yaltafit minkum ahadun illam ra ataka innahoo museebuhaa maaa asaabahum; inna maw`i dahumus subh; alaisas subhu biqareeb
📖 हिंदी अर्थ
वह फरिश्ते बोले ऐ लूत हम तुम्हारे परवरदिगार के भेजे हुए (फरिश्ते हैं तुम घबराओ नहीं) ये लोग तुम तक हरगिज़ (नहीं पहुँच सकते तो तुम कुछ रात रहे अपने लड़कों बालों समैत निकल भागो और तुममें से कोई इधर मुड़ कर भी न देखे मगर तुम्हारी बीबी कि उस पर भी यक़ीनन वह अज़ाब नाज़िल होने वाला है जो उन लोगों पर नाज़िल होगा और उन (के अज़ाब का) वायदा बस सुबह है क्या सुबह क़रीब नहीं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَسْرِ: रात में निकल जाओ, रात के समय सफर करो।
  • بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ: रात के कुछ हिस्से में, यानी रात के आखिरी हिस्से में।
  • لَا يَلْتَفِتْ: पीछे मुड़कर न देखे।
  • مَوْعِدَهُمُ: उनका वादा (विनाश का समय)।

तफसीर (व्याख्या):

जब अल्लाह के फ़रिश्ते हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास आए, तो उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया और कहा: "ऐ लूत! हम आपके रब के भेजे हुए फ़रिश्ते हैं। आपके क़ौम के ये बदकार लोग आप तक कभी नहीं पहुँच सकते, न ही वे आपको कोई नुक़सान पहुँचा सकते हैं। अल्लाह ने हमें उन्हें हलाक करने के लिए भेजा है। इसलिए आप रात के आखिरी हिस्से में अपने घरवालों को लेकर इस बस्ती से निकल जाइए। ध्यान रहे, आप में से कोई भी पीछे मुड़कर न देखे, क्योंकि जो पीछे देखेगा वह अज़ाब देखकर उसकी चपेट में आ जाएगा। हाँ, आपकी पत्नी (जो काफ़िर और मुनाफ़िक़ थी) इस हुक्म से मुस्तसना है। वह आपके साथ नहीं जाएगी, बल्कि वह पीछे रहकर अपनी क़ौम के साथ हलाक होगी, क्योंकि उसने कुफ्र और निफ़ाक़ का रास्ता अपनाया था। उस पर भी वही अज़ाब आएगा जो उन बदकारों पर आएगा। फ़रिश्तों ने यह भी बताया कि इन लोगों के हलाक होने का वादा सुबह का है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने पूछा कि क्या यह वादा जल्दी पूरा होगा? तो फ़रिश्तों ने जवाब दिया: "क्या सुबह नज़दीक नहीं है? यानी सुबह बहुत करीब है, बस अब थोड़ा सा समय बाकी है।"

फ़ायदे (लाभ):

  1. अल्लाह अपने नबियों की हिफ़ाज़त करता है और उन्हें दुश्मनों के नुक़्सान से बचाता है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) को अकेले में अल्लाह ने फ़रिश्तों के ज़रिए बचा लिया, जबकि पूरी क़ौम उनके खिलाफ थी।
  2. अल्लाह का अज़ाब जब आता है तो बहुत करीब होता है। इंसान को चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह के अज़ाब से डरे और उसकी नाफ़रमानी से बचे।
  3. नेक लोगों को चाहिए कि वे बुरे लोगों के साथ उठना-बैठना छोड़ दें और अपने ईमान की हिफ़ाज़त के लिए अलग रहें, जैसा कि हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) को हुक्म दिया गया।
  4. अल्लाह का फ़ैसला अटल है। जो लोग अल्लाह के नबियों के साथ दुश्मनी करते हैं और बुराई पर अड़े रहते हैं, उनका अंजाम तबाही है।
  5. यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की रहमत और हिफ़ाज़त उसके नेक बंदों के साथ होती है, और उसका अज़ाब बुरे लोगों के लिए नज़दीक है।


📜 आयत 79-83 — हूद

79قَالُوا لَقَدْ عَلِمْتَ مَا لَنَا فِي بَنَاتِكَ مِنْ حَقٍّ وَإِنَّكَ لَتَعْلَمُ مَا نُرِيدُ
उन (कम्बख्तो) न जवाब दिया तुम को खूब मालूम है कि तुम्हारी क़ौम की लड़कियों की हमें कुछ हाजत (जरूरत) नही है और जो बात हम चाहते है वह तो तुम ख़ूब जानते हो
80قَالَ لَوْ أَنَّ لِي بِكُمْ قُوَّةً أَوْ آوِي إِلَىٰ رُكْنٍ شَدِيدٍ
लूत ने कहा काश मुझमें तुम्हारे मुक़ाबले की कूवत होती या मै किसी मज़बूत क़िले मे पनाह ले सकता
81قَالُوا يَا لُوطُ إِنَّا رُسُلُ رَبِّكَ لَن يَصِلُوا إِلَيْكَ ۖ فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ إِلَّا امْرَأَتَكَ ۖ إِنَّهُ مُصِيبُهَا مَا أَصَابَهُمْ ۚ إِنَّ مَوْعِدَهُمُ الصُّبْحُ ۚ أَلَيْسَ الصُّبْحُ بِقَرِيبٍ
वह फरिश्ते बोले ऐ लूत हम तुम्हारे परवरदिगार के भेजे हुए (फरिश्ते हैं तुम घबराओ नहीं) ये लोग तुम तक हरगिज़ (नहीं पहुँच सकते तो तुम कुछ रात रहे अपने लड़कों बालों समैत निकल भागो और तुममें से कोई इधर मुड़ कर भी न देखे मगर तुम्हारी बीबी कि उस पर भी यक़ीनन वह अज़ाब नाज़िल होने वाला है जो उन लोगों पर नाज़िल होगा और उन (के अज़ाब का) वायदा बस सुबह है क्या सुबह क़रीब नहीं
82فَلَمَّا جَاءَ أَمْرُنَا جَعَلْنَا عَالِيَهَا سَافِلَهَا وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهَا حِجَارَةً مِّن سِجِّيلٍ مَّنضُودٍ
फिर जब हमारा (अज़ाब का) हुक्म आ पहुँचा तो हमने (बस्ती की ज़मीन के तबके) उलट कर उसके ऊपर के हिस्से को नीचे का बना दिया और उस पर हमने खरन्जेदार पत्थर ताबड़ तोड़ बरसाए
83مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَ ۖ وَمَا هِيَ مِنَ الظَّالِمِينَ بِبَعِيدٍ
जिन पर तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से निशान बनाए हुए थे और वह बस्ती (उन) ज़ालिमों (कुफ्फ़ारे मक्का) से कुछ दूर नहीं
हूदकुरान सूची
123आयत
मक्कीRevelation
81आयत

अनुवाद — हूद 81

सूरा हूद आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह फरिश्ते बोले ऐ लूत हम तुम्हारे परवरदिगार के भेजे…

सूरा आयत 81/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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