Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَيَحْزُنُنِي: मुझे दुखी करेगा, मेरे दिल को पीड़ा पहुँचाएगा।
- تَذْهَبُوا بِهِ: उसे (यूसुफ को) अपने साथ ले जाओ।
- الذِّئْبُ: भेड़िया (भेड़िये का इकाई रूप)।
- غَافِلُونَ: बेखबर, लापरवाह, ध्यान न देने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब यूसुफ (अलैहिस्सलाम) के भाइयों ने अपने पिता याकूब (अलैहिस्सलाम) से अनुरोध किया कि वे यूसुफ को अपने साथ चरागाह (मैदान) में ले जाना चाहते हैं, तो याकूब ने उन्हें उत्तर दिया: "मुझे इस बात से बहुत दुख और गम होगा कि तुम उसे अपने साथ ले जाओ, क्योंकि मैं उसके बिछड़ने का दर्द सहन नहीं कर सकता। और मुझे यह भी डर है कि जब तुम लोग अपने कामों में व्यस्त हो जाओगे और उससे बेखबर हो जाओगे, तो कहीं कोई भेड़िया उसे खा न जाए।" यह डर याकूब (अलैहिस्सलाम) के दिल में यूसुफ के प्रति अत्यधिक प्रेम और उसकी सुरक्षा की चिंता से पैदा हुआ था। वे जानते थे कि यूसुफ अभी छोटा और कमज़ोर है, और भाइयों का ध्यान उससे हटते ही उसे खतरा हो सकता है। यह उनके पैतृक प्रेम और दूरदर्शिता का प्रमाण है।
फ़ायदे (लाभ):
- संतान के प्रति प्रेम और चिंता: यह आयत माता-पिता के अपने बच्चों के प्रति स्वाभाविक प्रेम और उनकी सुरक्षा की गहरी चिंता को दर्शाती है। यह एक सराहनीय गुण है जो इस्लाम में माता-पिता को सिखाया गया है।
- सावधानी और दूरदर्शिता: याकूब (अलैहिस्सलाम) ने संभावित खतरे को पहले ही भांप लिया था। यह हमें सिखाता है कि इंसान को अपने मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए और संभावित नुकसान से बचने के उपाय करने चाहिए।
- परिवार में विश्वास और सलाह: याकूब (अलैहिस्सलाम) ने अपने बड़े बेटों को अपनी चिंता और डर स्पष्ट रूप से बताया, जो परिवार के सदस्यों के बीच खुले संवाद और आपसी सलाह की महत्ता को दर्शाता है।
- अल्लाह पर भरोसा: इस कठिन परिस्थिति में भी याकूब (अलैहिस्सलाम) का अल्लाह पर भरोसा कायम रहा, और उन्होंने अपनी चिंता के बावजूद अल्लाह की इच्छा के आगे समर्पण किया। यह हमें सिखाता है कि मुसीबतों में भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
📜 आयत 11-15 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 13
सूरा यूसुफ आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम लोग तो उसके निगेहबान हैं ही याक़ूब ने…सूरा आयत 13/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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