यूसुफ · 12/111
अनुवाद उच्चारण — सूरा यूसुफ
أَرْسِلْهُ مَعَنَا غَدًا يَرْتَعْ وَيَلْعَبْ وَإِنَّا لَهُ لَحَافِظُونَ ۝١٢
Arilhu ma`anaa ghadany yarta`wa yal`ab wa innaa lahoo lahaafizoon
📖 हिंदी अर्थ
हालॉकि हम लोग तो उसके ख़ैर ख्वाह (भला चाहने वाले) हैं आप उसको कुल हमारे साथ भेज दीजिए कि ज़रा (जंगल) से फल वगैरह् खाए और खेले कूदे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَرْتَعْ: चरागाह में जाकर खुशी से खाना-पीना और आनंद लेना।
  • يَلْعَبْ: खेलना-कूदना, दौड़ना और मनोरंजन करना।
  • لَحَافِظُونَ: हम उसकी रक्षा करने वाले हैं, उसे किसी भी प्रकार की हानि से बचाएंगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के भाइयों ने अपने पिता हज़रत याक़ूब (अलैहिस्सलाम) से यूसुफ़ को अपने साथ ले जाने की अनुमति माँगी, तो उन्होंने कहा: "कल हमें उसे अपने साथ भेज दीजिए। हम सब मिलकर बाहर (चरागाह या मैदान) जाएंगे, जहाँ वह खूब खाएगा-पीएगा, आनंद उठाएगा, दौड़ेगा-कूदेगा और खेल-कूद में मगन रहेगा। हम उसके साथ रहेंगे और उसकी पूरी तरह रक्षा करेंगे, उसे किसी भी प्रकार की कोई हानि या परेशानी नहीं पहुँचने देंगे।"

यह भाइयों की ओर से एक मीठी और प्रेमपूर्ण बात थी, जिससे पिता का भरोसा जीतकर यूसुफ़ को अपने साथ ले जाना था। लेकिन उनके दिल में इसका इरादा नहीं था, बल्कि वे उसे ले जाकर कुएँ में डालने की योजना बना रहे थे। उन्होंने पिता को आश्वस्त करने के लिए यह कहा कि वे उसकी रक्षा करेंगे, जबकि वास्तव में वे उसके साथ बुरा करने का इरादा रखते थे।

फ़ायदे (सीख):

  1. बच्चों के प्रति पिता का प्रेम और उनकी सुरक्षा की चिंता स्वाभाविक है, और यह इस्लामी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  2. इंसान को चाहिए कि वह अपनी बातों में सच्चाई और ईमानदारी रखे, क्योंकि झूठ और धोखा अंततः बुरे अंजाम तक पहुँचाता है।
  3. अल्लाह तआला अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है, चाहे दुश्मन कितनी भी चालें क्यों न चलें। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को कुएँ में डालने के बावजूद अल्लाह ने उन्हें बचाया और ऊँचा मुकाम दिया।
  4. माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की परवरिश में हिकमत (समझदारी) से काम लें और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
  5. यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे अच्छा रक्षक है और हर मुश्किल से निकालने वाला है।


📜 आयत 10-14 — सूरा यूसुफ

10قَالَ قَائِلٌ مِّنْهُمْ لَا تَقْتُلُوا يُوسُفَ وَأَلْقُوهُ فِي غَيَابَتِ الْجُبِّ يَلْتَقِطْهُ بَعْضُ السَّيَّارَةِ إِن كُنتُمْ فَاعِلِينَ
उनमें से एक कहने वाला बोल उठा कि यूसुफ को जान से तो न मारो हाँ अगर तुमको ऐसा ही करना है तो उसको किसी अन्धे कुएँ में (ले जाकर) डाल दो कोई राहगीर उसे निकालकर ले जाएगा (और तुम्हारा मतलब हासिल हो जाएगा)
11قَالُوا يَا أَبَانَا مَا لَكَ لَا تَأْمَنَّا عَلَىٰ يُوسُفَ وَإِنَّا لَهُ لَنَاصِحُونَ
सब ने (याक़ूब से) कहा अब्बा जान आख़िर उसकी क्या वजह है कि आप यूसुफ के बारे में हमारा ऐतबार नहीं करते
12أَرْسِلْهُ مَعَنَا غَدًا يَرْتَعْ وَيَلْعَبْ وَإِنَّا لَهُ لَحَافِظُونَ
हालॉकि हम लोग तो उसके ख़ैर ख्वाह (भला चाहने वाले) हैं आप उसको कुल हमारे साथ भेज दीजिए कि ज़रा (जंगल) से फल वगैरह् खाए और खेले कूदे
13قَالَ إِنِّي لَيَحْزُنُنِي أَن تَذْهَبُوا بِهِ وَأَخَافُ أَن يَأْكُلَهُ الذِّئْبُ وَأَنتُمْ عَنْهُ غَافِلُونَ
और हम लोग तो उसके निगेहबान हैं ही याक़ूब ने कहा तुम्हारा उसको ले जाना मुझे सख्त सदमा पहुँचाना है और मै तो इससे डरता हूँ कि तुम सब के सब उससे बेख़बर हो जाओ और (मुबादा) उसे भेड़िया फाड़ खाए
14قَالُوا لَئِنْ أَكَلَهُ الذِّئْبُ وَنَحْنُ عُصْبَةٌ إِنَّا إِذًا لَّخَاسِرُونَ
वह लोग कहने लगे जब हमारी बड़ी जमाअत है (इस पर भी) अगर उसको भेड़िया खा जाए तो हम लोग यक़ीनन बड़े घाटा उठाने वाले (निकलते) ठहरेगें
यूसुफकुरान सूची
111आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — यूसुफ 12

सूरा यूसुफ आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालॉकि हम लोग तो उसके ख़ैर ख्वाह (भला चाहने वाले)…

सूरा आयत 12/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए