अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَاوَدَتْنِي: उसने मुझसे बुरे इरादे से मेरी इच्छा पूरी करने को कहा, यानी मुझे अपनी ओर आकर्षित करना चाहा।
- قُدَّ: फाड़ा गया, चीरा गया।
- مِن قُبُلٍ: सामने की तरफ से, आगे से।
तफसीर (व्याख्या):
जब यूसुफ (अलैहिस्सलाम) ने देखा कि उस महिला ने उन पर झूठा आरोप लगाकर उन्हें मुसीबत में डाल दिया है, तो उन्होंने अपनी पवित्रता और बेगुनाही की रक्षा करते हुए स्पष्ट रूप से कहा: "नहीं, यह सच नहीं है, बल्कि उसी (अज़ीज़ की पत्नी) ने मुझे अपनी तरफ बुलाया और मुझसे बुरे काम का आग्रह किया, और मैंने उसे ठुकरा दिया।" यूसुफ का यह उत्तर सीधा और सच्चा था, क्योंकि वह निर्दोष थे।
इसके बाद अल्लाह ने उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए एक गवाह खड़ा किया, जो उसी घर (अज़ीज़ के परिवार) में से था—वह एक छोटा बच्चा था जो पालने में था। अल्लाह की कुदरत से उस बच्चे ने बोलना शुरू कर दिया और कहा: "अगर यूसुफ का कमीज़ सामने की तरफ से फटा हुआ है, तो यह महिला सच्ची है और यूसुफ झूठा है।" उसने यह शर्त इसलिए रखी क्योंकि अगर यूसुफ ने उस महिला पर ज़ोर डाला होता और वह उन्हें रोकती, तो वह उन्हें सामने से धक्का देती और कमीज़ सामने से फटता। लेकिन अगर यूसुफ उससे भाग रहे होते और वह उनका पीछा करती, तो कमीज़ पीछे से फटता। यह एक न्यायपूर्ण और स्पष्ट परीक्षण था।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई और पवित्रता पर अल्लाह की मदद हमेशा आती है। यूसुफ (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह का डर रखा और बुराई से बचे, तो अल्लाह ने उनकी बेगुनाही साबित करने का रास्ता निकाला—यहाँ तक कि एक मासूम बच्चे को बोलने की ताकत दी।
- इससे हमें यह सबक मिलता है कि जब इंसान पर झूठा आरोप लगे, तो उसे सब्र और सच्चाई के साथ अपना बचाव करना चाहिए, और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह सच्चे लोगों की मदद करता है और उनकी इज़्ज़त बचाता है।
- यह आयत इस बात की तरफ इशारा करती है कि बुराई से बचने के लिए इंसान को हर हाल में अल्लाह की नज़र का ख्याल रखना चाहिए, और यह कि अल्लाह के नबी भी जब मुश्किल में पड़ते हैं, तो अल्लाह उन्हें राहत देता है—यह हमारे लिए एक बड़ी तसल्ली है कि हम अगर सच्चाई पर क़ायम रहें, तो अल्लाह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
- इस क़िस्से से यह भी पता चलता है कि इस्लाम में इज़्ज़त और पवित्रता की रक्षा कितनी अहम है, और झूठे आरोप लगाना कितना बड़ा गुनाह है, क्योंकि इससे बेगुनाहों को तकलीफ़ पहुँचती है।
📜 आयत 24-28 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 26
सूरा यूसुफ आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या दर्दनाक अज़ाब में मुब्तिला कर दिया जाए यूसुफ ने…सूरा आयत 26/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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