यूसुफ · 27/111
अनुवाद उच्चारण — यूसुफ
وَإِن كَانَ قَمِيصُهُ قُدَّ مِن دُبُرٍ فَكَذَبَتْ وَهُوَ مِنَ الصَّادِقِينَ ۝٢٧
Wa in kaana qameesuhoo qudda min duburin fakazabat wa huwa minas saadiqeen
📖 हिंदी अर्थ
और अगर उनका कुर्ता पींछे से फटा हुआ हो तो ये झूठी और वह सच्चे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قَمِيصُهُ (क़मीसुहु): उसकी क़मीज़ (कुर्ता)।
  • قُدَّ (क़ुद्दा): फटा हुआ, चीरा हुआ।
  • مِنْ دُبُرٍ (मिन दुबुरिन): पीछे की ओर से।
  • فَكَذَبَتْ (फ़कज़बत): तो वह (औरत) झूठी है।
  • وَهُوَ مِنَ الصَّادِقِينَ (व हुवा मिनस्सादिक़ीन): और वह (यूसुफ अलैहिस्सलाम) सच्चों में से है।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब यूसुफ़ अलैहिस्सलाम और उस घर की औरत दोनों दरवाज़े की ओर दौड़े, तो उस औरत ने उन्हें रोकने के लिए उनकी क़मीज़ को पीछे से पकड़ लिया और वह क़मीज़ पीछे की ओर से फट गई। इसी बीच दोनों ने उस औरत के पति (अज़ीज़) को दरवाज़े पर पाया। उस औरत ने झूठा आरोप लगाते हुए कहा कि यूसुफ़ ने उसके साथ बुरा इरादा किया। तब यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने अपनी बेगुनाही ज़ाहिर की। उसी समय एक गवाह ने फ़ैसला सुनाया कि अगर क़मीज़ आगे से फटी हो तो औरत सच्ची है और यूसुफ़ झूठा, लेकिन अगर क़मीज़ पीछे से फटी हो तो औरत झूठी है और यूसुफ़ सच्चा है। इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब क़मीज़ पीछे से फटी पाई गई, तो यह साबित हो गया कि वह औरत झूठी है और यूसुफ़ अलैहिस्सलाम सच्चों में से हैं। यह इसलिए कि वह औरत यूसुफ़ का पीछा कर रही थी और उन्हें रोकने के लिए उनकी क़मीज़ पीछे से पकड़ी, जिससे वह पीछे से फटी। यह स्पष्ट प्रमाण था कि यूसुफ़ उससे भाग रहे थे, न कि उन्होंने कोई बुरा इरादा किया था।

फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई चाहे कितनी भी मुश्किल घड़ी में हो, अल्लाह उसे ज़ाहिर करने का कोई न कोई रास्ता निकाल ही देता है। यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की बेगुनाही एक फटी क़मीज़ से साबित हो गई।
  2. इंसान को चाहिए कि वह हर मामले में सच्चाई पर डटा रहे, भले ही उसे बदनामी या मुसीबत का सामना करना पड़े। अल्लाह सच्चों की मदद करता है।
  3. इस घटना से पता चलता है कि फ़ितना (बुराई) से बचने के लिए इंसान को भागना चाहिए, जैसे यूसुफ़ ने उस औरत से बचने की कोशिश की। अल्लाह की पनाह माँगना और बुराई से दूर रहना ही सच्चे ईमान की निशानी है।
  4. यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि झूठा आरोप लगाना बहुत बड़ा गुनाह है, और अल्लाह झूठों को रुसवा करता है, जबकि सच्चों की इज़्ज़त बढ़ाता है।
🎧 सुनें

📜 आयत 25-29 — यूसुफ

25وَاسْتَبَقَا الْبَابَ وَقَدَّتْ قَمِيصَهُ مِن دُبُرٍ وَأَلْفَيَا سَيِّدَهَا لَدَى الْبَابِ ۚ قَالَتْ مَا جَزَاءُ مَنْ أَرَادَ بِأَهْلِكَ سُوءًا إِلَّا أَن يُسْجَنَ أَوْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
और दोनों दरवाजे क़ी तरफ झपट पड़े और ज़ुलेख़ा (ने पीछे से उनका कुर्ता पकड़ कर खीचा और) फाड़ डाला और दोनों ने ज़ुलेखा के ख़ाविन्द को दरवाज़े के पास खड़ा पाया ज़ुलेख़ा झट (अपने शौहर से) कहने लगी कि जो तुम्हारी बीबी के साथ बदकारी का इरादा करे उसकी सज़ा इसके सिवा और कुछ नहीं कि या तो कैद कर दिया जाए
26قَالَ هِيَ رَاوَدَتْنِي عَن نَّفْسِي ۚ وَشَهِدَ شَاهِدٌ مِّنْ أَهْلِهَا إِن كَانَ قَمِيصُهُ قُدَّ مِن قُبُلٍ فَصَدَقَتْ وَهُوَ مِنَ الْكَاذِبِينَ
या दर्दनाक अज़ाब में मुब्तिला कर दिया जाए यूसुफ ने कहा उसने ख़ुद (मुझसे मेरी आरज़ू की थी और ज़ुलेख़ा) के कुन्बे वालों में से एक गवाही देने वाले (दूध पीते बच्चे) ने गवाही दी कि अगर उनका कुर्ता आगे से फटा हुआ हो तो ये सच्ची और वह झूठे
27وَإِن كَانَ قَمِيصُهُ قُدَّ مِن دُبُرٍ فَكَذَبَتْ وَهُوَ مِنَ الصَّادِقِينَ
और अगर उनका कुर्ता पींछे से फटा हुआ हो तो ये झूठी और वह सच्चे
28فَلَمَّا رَأَىٰ قَمِيصَهُ قُدَّ مِن دُبُرٍ قَالَ إِنَّهُ مِن كَيْدِكُنَّ ۖ إِنَّ كَيْدَكُنَّ عَظِيمٌ
फिर जब अज़ीजे मिस्र ने उनका कुर्ता पीछे से फटा हुआ देखा तो (अपनी औरत से) कहने लगा ये तुम ही लोगों के चलत्तर है उसमें शक़ नहीं कि तुम लोगों के चलत्तर बड़े (ग़ज़ब के) होते हैं
29يُوسُفُ أَعْرِضْ عَنْ هَٰذَا ۚ وَاسْتَغْفِرِي لِذَنبِكِ ۖ إِنَّكِ كُنتِ مِنَ الْخَاطِئِينَ
(और यूसुफ से कहा) ऐ यूसुफ इसको जाने दो और (औरत से कहा) कि तू अपने गुनाह की माफी माँग क्योंकि बेशक तू ही सरतापा ख़तावार है
यूसुफकुरान सूची
111आयत
मक्कीRevelation
27आयत

अनुवाद — यूसुफ 27

सूरा यूसुफ आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर उनका कुर्ता पींछे से फटा हुआ हो तो…

सूरा आयत 27/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए