अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَوْفَ: यह भविष्य के लिए आने वाला शब्द है, जिसका अर्थ है 'जल्द ही' या 'निकट भविष्य में'।
- أَسْتَغْفِرُ: मैं क्षमा माँगूँगा।
- الْغَفُورُ: अत्यधिक क्षमा करने वाला।
- الرَّحِيمُ: अत्यधिक दयालु।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत याकूब (अलैहिस्सलाम) को अपने बेटों की उस गलती का पता चला जो उन्होंने हज़रत यूसुफ (अलैहिस्सलाम) के साथ की थी, और उन्होंने अपने बेटों से माफ़ी की दरख़्वास्त की, तो उनके बेटों ने कहा: "हमारे लिए अपने रब से माफ़ी माँगिए।" इस पर हज़रत याकूब (अलैहिस्सलाम) ने फ़रमाया: "मैं जल्द ही तुम्हारे लिए अपने रब से क्षमा की प्रार्थना करूँगा।" उन्होंने यह वादा किया और इस प्रार्थना को सहरी (रात के आख़िरी हिस्से) के समय के लिए टाल दिया, क्योंकि वह समय दुआ की क़बूलियत के लिए सबसे अफ़ज़ल और बेहतरीन होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा रब अत्यधिक क्षमा करने वाला है और अपने तौबा करने वाले बंदों पर बेहद दयालु है। वह अपने बंदों की गलतियों को माफ़ कर देता है और उन पर रहमत फ़रमाता है।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि माता-पिता को अपनी औलाद के लिए दुआ करनी चाहिए, चाहे उनसे कितनी भी बड़ी गलती हुई हो। माता-पिता का दिल हमेशा अपनी औलाद के लिए नरम और मेहरबान होता है।
- गुनाह करने के बाद इंसान को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अल्लाह से तौबा और इस्तिग़फ़ार करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला और दयालु है।
- दुआ के लिए अफ़ज़ल और मुस्तजाब (क़बूल होने वाले) समय का इंतिज़ार करना, जैसे सहरी का वक़्त, यह अल्लाह से दुआ करने की एक बेहतरीन तरीक़ा है।
- अल्लाह की क्षमा और रहमत की उम्मीद कभी नहीं खोनी चाहिए, क्योंकि वह अपने बंदों की गलतियों को माफ़ करने के लिए हमेशा तैयार है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें।
📜 आयत 96-100 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 98
सूरा यूसुफ आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : याक़ूब ने कहा मै बहुत जल्द अपने परवरदिगार से तुम्हारी…सूरा आयत 98/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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