अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ: उस दिन जब हिसाब क़ायम होगा, अर्थात् जब सभी प्राणी अपने रब के सामने हिसाब के लिए खड़े होंगे।
व्याख्या:
यह दुआ हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने रब से की थी। उन्होंने कहा: "हे हमारे पालनहार! मुझे क्षमा कर दे, और मेरे माता-पिता को भी क्षमा कर दे, और सभी मोमिनों (ईमानवालों) को भी क्षमा कर दे, उस दिन जब हिसाब क़ायम होगा।"
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने यह दुआ अपने पिता के बारे में उस समय की थी जब उन्हें यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि उनके पिता अल्लाह के दुश्मन हैं। जब उन्हें यह स्पष्ट हो गया कि उनके पिता अल्लाह की दुश्मनी पर क़ायम हैं, तो उन्होंने उनसे बराअत (अलगाव) कर ली और उनके लिए दुआ करना बंद कर दिया। उनकी माता के बारे में कहा गया है कि वह मुसलमान हो गई थीं, इसलिए उनके लिए दुआ करना जायज़ था।
इस दुआ में हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने तीन चीज़ों की माँग की:
- अपने लिए क्षमा — क्योंकि इंसान से भूल-चूक होती रहती है, और नबियों से भी छोटी-मोटी भूलें (जो उनके दर्जे के अनुसार गुनाह मानी जाती हैं) हो सकती हैं।
- अपने माता-पिता के लिए क्षमा — यह उनके अच्छे सुलूक और उनके इस्लाम लाने की उम्मीद की वजह से था।
- सभी मोमिनों के लिए क्षमा — यह उनकी उम्मत के प्रति उनकी महान शफ़्क़त और मुहब्बत को दर्शाता है।
फ़ायदे (निष्कर्ष):
- हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम जैसे अज़ीम नबी भी अपने लिए, अपने माता-पिता के लिए और दूसरे मोमिनों के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करते थे, तो हमें भी चाहिए कि अपने लिए, अपने माता-पिता के लिए और सभी मुसलमानों के लिए दुआ करते रहें।
- यह दुआ हमें सिखाती है कि माता-पिता के साथ भलाई करना और उनके लिए दुआ करना इस्लाम की शिक्षा है, लेकिन अगर वे कुफ़्र पर मर जाएँ तो उनके लिए मग़फ़िरत की दुआ करना जायज़ नहीं है।
- मोमिनों के लिए दुआ करना ईमान की निशानी है और इससे आपसी मुहब्बत और भाईचारा बढ़ता है।
- यह दुआ हमें याद दिलाती है कि हिसाब का दिन ज़रूर आने वाला है, इसलिए हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए और अल्लाह से क्षमा माँगते रहना चाहिए।
📜 आयत 39-43 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 41
सूरा इब्राहीम आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ हमारे पालने वाले जिस दिन (आमाल का) हिसाब होने…सूरा आयत 41/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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