अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ادْخُلُوهَا: इसमें प्रवेश करो।
- بِسَلَامٍ: सलामती और किसी भी आफत से सुरक्षित रहते हुए।
- آمِنِينَ: हर उस चीज़ से निडर और सुरक्षित जिससे डर या खतरा हो सकता है।
तफसीर:
यह आयत उन परहेज़गारों के बारे में है जिन्होंने अल्लाह के हुक्मों का पालन किया और उसकी मनाही से बचे। जब वे जन्नत में दाखिल होंगे, तो उनसे कहा जाएगा: "इस जन्नत में सलामती और अमन के साथ प्रवेश करो।" यानी वे हर बुराई, हर आफत और हर उस चीज़ से महफूज़ होंगे जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। उनके दिलों से हसद, कीना और दुश्मनी निकाल दी जाएगी, और वे आपस में भाई बनकर रहेंगे। वे ऊँचे तख्तों पर बैठेंगे, उनके चेहरे एक-दूसरे की तरफ होंगे, और उन्हें कोई थकान या मेहनत नहीं होगी। वे हमेशा के लिए वहाँ रहेंगे। यह उनके लिए अल्लाह की तरफ से इनाम और सम्मान है, और फ़रिश्ते उन्हें सलाम करेंगे।
फ़ायदे:
- यह आयत मोमिनों को खुशखबरी देती है कि अल्लाह की इताअत और परहेज़गारी का नतीजा सिर्फ जन्नत ही नहीं, बल्कि जन्नत में सलामती और अमन से दाखिल होना है।
- इससे पता चलता है कि जन्नत में दिलों से सारी कड़वाहट और दुश्मनी खत्म कर दी जाएगी, और वहाँ सिर्फ मुहब्बत और भाईचारा होगा।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में भी हमें अपने दिलों को साफ रखना चाहिए, क्योंकि जन्नत की नेमत उन्हीं के लिए है जो दिल से पाक और अल्लाह के फरमाँबरदार हैं।
- इससे मुसलमानों को हौसला मिलता है कि दुनिया की मुश्किलों और खतरों के बाद अल्लाह अपने नेक बंदों को ऐसी जगह देगा जहाँ हर तरह का अमन और सुकून होगा।
📜 आयत 44-48 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 46
सूरा अल-हिज्र आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (दाख़िले के वक्त फ़रिश्ते कहेगें कि) उनमें सलामती इत्मिनान से…सूरा आयत 46/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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