अन-नहल · 10/128
अनुवाद उच्चारण — अन-नहल
هُوَ الَّذِي أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً ۖ لَّكُم مِّنْهُ شَرَابٌ وَمِنْهُ شَجَرٌ فِيهِ تُسِيمُونَ ۝١٠
Huwal lazeee anzala minas samaaa`i maaa`al lakum minhu sharaabunw wa minhu shajarun feehi tuseemoon
📖 हिंदी अर्थ
और अगर ख़ुदा चाहता तो तुम सबको मज़िले मक़सूद तक पहुँचा देता वह वही (ख़ुदा) है जिसने आसमान से पानी बरसाया जिसमें से तुम सब पीते हो और इससे दरख्त शादाब होते हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً: आकाश से वर्षा का जल उतारा।
  • شَرَابٌ: पीने का जल।
  • شَجَرٌ: वृक्ष, पेड़-पौधे।
  • فِيهِ تُسِيمُونَ: उस (वनस्पति) में तुम अपने जानवरों को चराते हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ही वह (सर्वशक्तिमान) है जिसने आकाश से तुम्हारे लिए वर्षा का जल उतारा। उसी जल से तुम्हारे लिए पीने का पानी होता है, और उसी जल के कारण पेड़-पौधे उगते हैं, जिनमें तुम अपने जानवरों (ऊँट, बकरी, गाय आदि) को चराते हो। यह जल अल्लाह की ओर से एक महान दया और अनुग्रह है, जो पीने के काम आता है और जिससे धरती हरी-भरी होकर तुम्हारे चरने वाले जानवरों के लिए चारा पैदा करती है। यह सब अल्लाह की कुदरत और उसकी रहमत का नमूना है।

फ़ायदे (उपदेश):

  1. यह आयत हमें अल्लाह की असीम दया और उसकी नेमतों पर विचार करने की शिक्षा देती है। जल ही वह मूल स्रोत है जिससे जीवन, खेती और चारागाह सब कुछ चलता है।
  2. यह हमें अल्लाह का शुक्र अदा करने की तरफ़ प्रेरित करती है, क्योंकि उसने बिना किसी कीमत के हमें पीने का शुद्ध जल और चरने के लिए हरियाली प्रदान की।
  3. यह आयत हमें यह सिखाती है कि जिस प्रकार अल्लाह ने बारिश के जल से मृत भूमि को जीवित किया, उसी प्रकार वह क़यामत के दिन मृत लोगों को जीवित करेगा। यह ईमान और आख़िरत की याद दिलाती है।
  4. यह हमें प्रकृति की ओर ध्यान देने और उसमें अल्लाह की निशानियों को पहचानने की दावत देती है, ताकि हम उसकी महानता और एकता को समझें और उसकी इबादत में लगें।


📜 आयत 8-12 — अन-नहल

8وَالْخَيْلَ وَالْبِغَالَ وَالْحَمِيرَ لِتَرْكَبُوهَا وَزِينَةً ۚ وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ
और (उसी ने) घोड़ों ख़च्चरों और गधों को (पैदा किया) ताकि तुम उन पर सवार हो और (इसमें) ज़ीनत (भी) है
9وَعَلَى اللَّهِ قَصْدُ السَّبِيلِ وَمِنْهَا جَائِرٌ ۚ وَلَوْ شَاءَ لَهَدَاكُمْ أَجْمَعِينَ
(उसके अलावा) और चीज़े भी पैदा करेगा जिनको तुम नहीं जानते हो और (ख़ुश्क व तर में) सीधी राह (की हिदायत तो ख़ुदा ही के ज़िम्मे हैं और बाज़ रस्ते टेढे हैं
10هُوَ الَّذِي أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً ۖ لَّكُم مِّنْهُ شَرَابٌ وَمِنْهُ شَجَرٌ فِيهِ تُسِيمُونَ
और अगर ख़ुदा चाहता तो तुम सबको मज़िले मक़सूद तक पहुँचा देता वह वही (ख़ुदा) है जिसने आसमान से पानी बरसाया जिसमें से तुम सब पीते हो और इससे दरख्त शादाब होते हैं
11يُنبِتُ لَكُم بِهِ الزَّرْعَ وَالزَّيْتُونَ وَالنَّخِيلَ وَالْأَعْنَابَ وَمِن كُلِّ الثَّمَرَاتِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ
जिनमें तुम (अपने मवेशियों को) चराते हो इसी पानी से तुम्हारे वास्ते खेती और जैतून और खुरमें और अंगूर उगाता है और हर तरह के फल (पैदा करता है) इसमें शक़ नहीं कि इसमें ग़ौर करने वालो के वास्ते (कुदरते ख़ुदा की) बहुत बड़ी निशानी है
12وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ ۖ وَالنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ
उसी ने तुम्हारे वास्ते रात को और दिन को और सूरज और चाँद को तुम्हारा ताबेए बना दिया है और सितारे भी उसी के हुक्म से (तुम्हारे) फरमाबरदार हैं कुछ शक़ ही नहीं कि (इसमें) समझदार लोगों के वास्ते यक़ीनन (कुदरत खुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
अन-नहलकुरान सूची
128आयत
मक्कीRevelation
10आयत

अनुवाद — अन-नहल 10

सूरा अन-नहल आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर ख़ुदा चाहता तो तुम सबको मज़िले मक़सूद तक…

सूरा आयत 10/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए