अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَصِفُ أَلْسِنَتُكُمُ الْكَذِبَ: तुम्हारी ज़बानें झूठ बयान करती हैं।
- لِتَفْتَرُوا: ताकि तुम गढ़-गढ़कर झूठ बनाओ।
- لَا يُفْلِحُونَ: वे सफल नहीं होंगे, न दुनिया में न आख़िरत में।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में मुशरिकीन (बुतपरस्तों) को संबोधित करते हुए उन्हें एक बड़े गुनाह से रोक रहा है। वे लोग अपनी ज़बान से मनमाने ढंग से कहते थे कि "यह चीज़ हलाल है" और "वह चीज़ हराम है", जबकि अल्लाह ने ऐसा कोई हुक्म नहीं दिया था। वे अपनी इच्छाओं और अंधविश्वासों के आधार पर कुछ जानवरों को (जैसे बहीरा, साइबा, वसीला, हामी) हराम ठहरा लेते थे और कुछ को हलाल, और यह सब अल्लाह की तरफ़ निस्बत करके कहते थे कि अल्लाह ने ऐसा हुक्म दिया है।
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "अपनी ज़बानों से झूठ न बोलो और न कहो कि यह हलाल है और यह हराम है, ताकि तुम अल्लाह पर झूठ थोपो।" यानी हलाल और हराम का फ़ैसला सिर्फ़ अल्लाह और उसके रसूल ﷺ का अधिकार है। किसी को यह हक़ नहीं कि वह अपनी राय या रिवाज के आधार पर किसी चीज़ को हलाल या हराम ठहराए और उसे अल्लाह की तरफ़ मंसूब करे।
फिर अल्लाह तआला सख़्त तनबीह करता है: "जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे।" यानी उनका यह काम न दुनिया में उन्हें कोई भलाई देगा और न आख़िरत में। वे अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँचेंगे और अल्लाह के अज़ाब से नहीं बच सकेंगे।
फ़ायदे:
- हलाल और हराम का मालिक सिर्फ़ अल्लाह है। किसी इंसान को यह अधिकार नहीं कि वह अपनी ज़बान से किसी चीज़ को हलाल या हराम कह दे।
- दीन में वह चीज़ जोड़ना या घटाना, जो अल्लाह ने नहीं बताई, बहुत बड़ा गुनाह है और अल्लाह पर झूठ बोलने के बराबर है।
- इस्लाम सिखाता है कि इंसान अपनी ज़बान को क़ाबू में रखे और बिना इल्म के कोई फ़तवा या राय न दे।
- सच्ची कामयाबी उसी को मिलती है जो अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ चले, न कि उसको जो अपनी मर्ज़ी से दीन बनाए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दीन में इज्तिहाद और राय उसी हद तक जायज़ है जहाँ अल्लाह और रसूल ने गुंजाइश दी हो, लेकिन अल्लाह की तरफ़ झूठी निस्बत करना हराम है।
📜 आयत 114-118 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 116
सूरा अन-नहल आयत 116 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और झूट मूट जो कुछ तुम्हारी ज़बान पर आए (बे…सूरा आयत 116/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 114–118. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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