Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُبْحَانَهُ: वह पाक-पवित्र है, हर कमी और दोष से मुक्त है।
- وَتَعَالَىٰ: और वह बुलंद और ऊंचा है।
- عَمَّا يَقُولُونَ: उन बातों से जो (मुशरिकीन) कहते हैं।
- عُلُوًّا كَبِيرًا: बहुत बड़ी बुलंदी और ऊंचाई के साथ।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी पाक ज़ात की तस्बीह (पवित्रता) बयान करते हुए फ़रमाता है कि वह हर उस बात से पाक और मुकद्दस है जो मुशरिकीन (बहुदेववादी) उसके बारे में कहते हैं। वे लोग अल्लाह के लिए औलाद, साझीदार, और मानवीय गुणों का दावा करते थे, जबकि अल्लाह इन सब चीज़ों से बिल्कुल पाक है। वह हर उस वर्णन से ऊंचा और बड़ा है जो उसकी शान के खिलाफ है। उसकी बुलंदी और ऊंचाई असीमित है, और वह उन सब बातों से बहुत दूर है जो ज़ालिम लोग उसके बारे में कहते हैं। यहाँ "عُلُوًّا كَبِيرًا" (बहुत बड़ी बुलंदी) का ज़िक्र इसलिए किया गया है ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि अल्लाह की पाकी और बुलंदी किसी भी तरह के शिर्क या झूठे वर्णन से प्रभावित नहीं होती, बल्कि वह हमेशा से इन सब चीज़ों से पाक और मुकद्दस रहा है और रहेगा।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह की पाकी का एहसास: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ज़ात हर उस चीज़ से पाक है जो उसकी शान के खिलाफ है। हमें अपने अक़ीदे (विश्वास) को हमेशा शिर्क और झूठे विचारों से पाक रखना चाहिए।
- अल्लाह की बुलंदी पर भरोसा: जब हमें पता चलता है कि अल्लाह हर बुरी बात से ऊंचा है, तो हमारा दिल उस पर भरोसा करता है और हमें यकीन होता है कि उसकी तौहीद (एकता) कभी कमज़ोर नहीं पड़ सकती।
- बुरी बातों से दूरी: यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह अल्लाह बुरी बातों से पाक है, हमें भी अपनी ज़ुबान और अक़ीदे को झूठ, बुराई और शिर्क से पाक रखना चाहिए।
- अल्लाह की अज़मत का एहसास: इस आयत से हमें अल्लाह की अज़मत (महानता) का एहसास होता है, जो हमें उसके सामने झुकने और उसकी इबादत करने की तरफ ले जाता है। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है और हमें अच्छे कामों की तरफ प्रेरित करता है।
📜 आयत 41-45 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 43
सूरा अल-इसरा आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो बेहूदा बातें ये लोग (ख़ुदा की निस्बत) कहा करते…सूरा आयत 43/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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