Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آلِهَةٌ: अनेक पूज्य/देवता (बहुवचन)
- لَابْتَغَوْا: अवश्य खोजते/तलाश करते
- ذِي الْعَرْشِ: अर्श (सिंहासन) वाला, अर्थात अल्लाह
- سَبِيلًا: रास्ता/मार्ग
व्याख्या:
हे नबी! आप इन मुशरिकों (बहुदेववादियों) से कह दीजिए कि यदि अल्लाह के साथ अन्य पूज्य देवता होते, जैसा कि ये लोग कहते और दावा करते हैं, तो वे सभी पूज्य अल्लाह तक पहुँचने का रास्ता अवश्य तलाशते, ताकि उसके सिंहासन (अर्श) और उसके साम्राज्य पर अधिकार जमा सकें और उससे छीनने की कोशिश करते। यह दुनिया के बादशाहों का तरीका होता है कि जब कोई उनके बराबर का दावा करता है, तो वह उनसे टकराने और उन्हें हराने की कोशिश करता है।
चूँकि हम देखते हैं कि पूरे ब्रह्मांड में पूर्ण व्यवस्था है, कोई भी अल्लाह से टकराने वाला नहीं है, कोई उसकी सत्ता को चुनौती नहीं देता, इसलिए यह स्वयं सिद्ध है कि अल्लाह के साथ कोई अन्य पूज्य नहीं है। यदि होते, तो अवश्य ही वे अल्लाह से संघर्ष करते और उसके अधिकार को छीनने की कोशिश करते। यह न होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अल्लाह अकेला ही सच्चा पूज्य है और उसके साथ कोई साझीदार नहीं।
शिक्षाएँ और लाभ:
- यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) का सबसे मजबूत तर्क प्रस्तुत करती है — यदि अनेक देवता होते, तो ब्रह्मांड में अव्यवस्था फैल जाती, जैसा कि कुरआन की दूसरी आयत में भी आया है कि "यदि आकाश और धरती में अल्लाह के अतिरिक्त अन्य पूज्य होते, तो दोनों बिगड़ जाते।"
- यह हमें सिखाती है कि अल्लाह की सत्ता अद्वितीय और अखंड है — कोई उसका मुकाबला नहीं कर सकता, न कोई उसके साम्राज्य में हस्तक्षेप कर सकता है।
- इस आयत से मुसलमान को यह विश्वास मिलता है कि वह केवल एक अल्लाह की इबादत करे, क्योंकि वही सच्चा और अकेला पूज्य है, और उसके सिवा कोई भी पूजा के योग्य नहीं।
- यह शिर्क (बहुदेववाद) की बुराई और उसकी बेबुनियादी को उजागर करती है, ताकि लोग इससे बचें और शुद्ध एकेश्वरवाद को अपनाएँ।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह का अर्श (सिंहासन) उसकी महानता और सत्ता का प्रतीक है, और वही सबसे ऊपर है, सबका पालनहार और प्रशासक है।
📜 आयत 40-44 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 42
सूरा अल-इसरा आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल उनसे) तुम कह दो कि अगर ख़ुदा के…सूरा आयत 42/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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