अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِإِمَامِهِمْ: उनके इमाम (नेता/पैगम्बर) के साथ।
- فَتِيلًا: खजूर की गुठली के खांचे में लगा हुआ बारीक धागा (रेशा) — अत्यंत सूक्ष्म मात्रा।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उस दिन को याद करो और लोगों को उससे सावधान करो, जब अल्लाह तआला हर समुदाय को उसके इमाम (नेता) के साथ बुलाएगा। यानी हर गिरोह उसी के साथ उठेगा जिसका उसने दुनिया में अनुसरण किया था — चाहे वह नेक हो या बदकार। जो लोग दुनिया में नेक इमामों (पैगम्बरों और सच्चे रहनुमाओं) की पैरवी करते थे, वे उन्हीं के साथ होंगे, और जिन्होंने गुमराह करने वालों की राह अपनाई थी, वे उन्हीं के साथ उठेंगे।
फिर अल्लाह फरमाता है कि जिस किसी को उसका आमालनामा (कर्मों की पुस्तक) दाहिने हाथ में दिया जाएगा — और ये वे लोग होंगे जो दुनिया में ईमान और नेक कर्मों पर कायम रहे — तो वे अपना नामा-ए-आमाल खुशी और उल्लास के साथ पढ़ेंगे। उनके चेहरे खिले होंगे, उनके दिल ममनून होंगे, और वे अपनी नेकियों को देखकर खुशी से झूम उठेंगे। अल्लाह तआला उन्हें उनके अच्छे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा और उनके सवाब में रत्ती भर भी कमी नहीं की जाएगी — चाहे वह कमी खजूर की गुठली के खांचे के उस बारीक रेशे के बराबर ही क्यों न हो। यानी अल्लाह की रहमत और अद्ल ऐसा है कि उसकी ओर से किसी नेकी का अणु भी ज़ाइया नहीं होता।
यहाँ अल्लाह तआला ने बदकारों का ज़िक्र नहीं किया, क्योंकि उनका हाल उससे भी बदतर है — वे अपने आमालनामे को बाएँ हाथ में पाएँगे और उसमें लिखी बुराइयों को पढ़कर शर्म और खौफ से सिर झुका लेंगे। यह अल्लाह का सबसे बड़ा इन्साफ़ है कि हर इंसान को उसके किए का फल मिलेगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि हमारी कामयाबी इस बात में है कि हम अपने इमाम — यानी हमारे प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ — की पैरवी करें। जो आज उनके बताए रास्ते पर चलेगा, कल क़यामत के दिन उसे उन्हीं के साथ उठाया जाएगा और उसका आमालनामा दाहिने हाथ में होगा। यह कितनी बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को उनकी छोटी-से-छोटी नेकी का भी पूरा अज्र देगा और उन पर ज़ुल्म नहीं करेगा। तो आइए, हम अपनी ज़िंदगी को नबी ﷺ की सुन्नत के अनुसार ढालें, ताकि उस दिन हमारा चेहरा खिला हुआ हो और हमारा नामा-ए-आमाल हमारे दाहिने हाथ में हो। अल्लाह हमें इस तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।
📜 आयत 69-73 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 71
सूरा अल-इसरा आयत 71 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन (को याद करो) जब हम तमाम लोगों को…सूरा आयत 71/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 69–73. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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