अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَعْمَىٰ (अमा): अंधा, यहाँ आँखों का अंधापन नहीं, बल्कि दिल का अंधापन मुराद है—यानी हक़ को देखने, समझने और क़ुबूल करने की समझ खत्म हो जाना।
- وَأَضَلُّ سَبِيلًا (अज़ल्लु सबीलन): रास्ते से बहुत ज़्यादा भटका हुआ, हिदायत के रास्ते से सबसे दूर।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में एक बहुत बड़ी हक़ीक़त बयान फ़रमा रहे हैं—जो शख्स इस दुनिया में दिल के अंधेपन का शिकार हो, यानी अल्लाह की क़ुदरत की निशानियों, उसकी आयतों और उसके नबी ﷺ के लाए हुए हक़ को देखकर भी न देखे, समझकर भी न समझे, और हक़ को क़ुबूल करने से इनकार करे, तो उसका यह अंधापन आख़िरत में और बढ़ जाएगा। वहाँ वह जन्नत का रास्ता तो क्या, हिदायत की तरफ़ कोई राह भी नहीं पा सकेगा।
यानी जिसने दुनिया में आँखें होते हुए भी हक़ देखने से इनकार किया, अल्लाह की निशानियों से अंधा बना रहा, उसका अंजाम यह होगा कि आख़िरत में वह और भी ज़्यादा अंधा होगा और रास्ते से और भी ज़्यादा भटका हुआ होगा। यह अंधापन आँखों का नहीं, बल्कि दिल और बसीरत का अंधापन है—जो सबसे बड़ी मुसीबत है।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज हमारे पास आँखें हैं, कान हैं, दिमाग़ है—ये सब अल्लाह की बड़ी नेअमतें हैं। अगर हम इन नेअमतों को हक़ की पहचान और अल्लाह की इबादत में इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो क़यामत के दिन हमारा हाल बहुत बुरा होगा। मगर अल्लाह रहीम है—जब तक हम ज़िंदा हैं, तौबा और हिदायत का दरवाज़ा खुला है। आज ही अपने दिल की आँखें खोलें, क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में चलें, ताकि आख़िरत में हमारा रास्ता रोशन हो और हम जन्नत की तरफ़ ले जाने वाली राह पा सकें। याद रखिए—दुनिया का अंधापन इख्तियारी है, लेकिन आख़िरत का अंधापन उसी का नतीजा है।
📜 आयत 70-74 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 72
सूरा अल-इसरा आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो शख़्श इस (दुनिया) में (जान बूझकर) अंधा बना…सूरा आयत 72/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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