अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَيَفْتِنُونَكَ (वे आपको फुसला कर बहकाना चाहते थे) — अर्थात आपको मार्ग से विचलित करने की कोशिश करना।
- لِتَفْتَرِيَ (ताकि आप गढ़ लें) — अर्थात झूठी बातें मिला कर कहें।
- خَلِيلًا (घनिष्ठ मित्र) — अर्थात सच्चा और विशेष दोस्त।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! मुशरिकीन (बहुदेववादियों) ने आपको उस वह़्य (प्रकाशना) से बहकाने की भरपूर कोशिश की जो हमने आपकी ओर उतारी है। उनकी चाल यह थी कि आप हमारी ओर से कुछ ऐसी बातें गढ़ लें जो उनकी इच्छाओं और मनमानी के अनुकूल हों, ताकि वे आपको अपने करीबी और घनिष्ठ मित्र के रूप में अपना लें। लेकिन अल्लाह ने आपकी रक्षा की और आपको उनके इस फंदे से बचाए रखा।
यह आयत आपको बताती है कि शैतान और उसके साथी हर युग में सच्चे दीन (धर्म) को बदलने और नबियों को झुकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अल्लाह अपने नबियों की हिफाज़त करता है। यहाँ अल्लाह नबी ﷺ को तसल्ली दे रहे हैं कि आप उनकी धमकियों और लालच से न डरें, क्योंकि आप अल्लाह की हिफाज़त में हैं।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि सच्चाई पर क़ायम रहना चाहिए, चाहे दुनिया वाले कितना ही दबाव डालें या लालच दें। अल्लाह का दीन (धर्म) और उसकी वह़्य ही सच्चा रास्ता है, और उस पर अटल रहना ही कामयाबी की शर्त है। जो लोग दुनिया की खुशामद के लिए दीन में हेर-फेर करते हैं, वे अल्लाह की नज़र में बड़े नुक़सान में हैं।
यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि अल्लाह का कलाम (क़ुरआन) ही हमारा मार्गदर्शक है, और हमें उसे ही अपनी ज़िंदगी का नियम बनाना है। किसी की खुशी के लिए उसमें कमी या बदलाव नहीं करना चाहिए। अल्लाह अपने सच्चे बंदों की हिफाज़त करता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देता है।
📜 आयत 71-75 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 73
सूरा अल-इसरा आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) हमने तो (क़ुरान) तुम्हारे पास 'वही' के…सूरा आयत 73/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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