अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَصْبِرُ: धैर्य रखना, सब्र करना
- تُحِطْ بِهِ خُبْرًا: उसकी पूरी जानकारी या गहरी समझ प्राप्त करना
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और हज़रत ख़िज़र (अलैहिस्सलाम) के बीच हुए संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब हज़रत मूसा ने हज़रत ख़िज़र से ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की, तो हज़रत ख़िज़र ने उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया कि मेरे साथ रहने पर आपको ऐसे कार्य देखने को मिलेंगे जो आपकी समझ से परे होंगे, और जिनका वास्तविक कारण आपको ज्ञात नहीं होगा। उन्होंने पूछा: "आख़िर आप उस चीज़ पर धैर्य कैसे रख सकते हैं जिसकी आपको पूरी जानकारी ही नहीं है?"
यह एक सच्चाई है कि इंसान उसी चीज़ पर सब्र कर सकता है जिसके पीछे की हिकमत (बुद्धिमत्ता) और कारण को वह समझता हो। जब किसी कार्य का उद्देश्य और उसकी गहराई सामने न हो, तो मन में सवाल उठते हैं, अधीरता पैदा होती है और सब्र करना बेहद कठिन हो जाता है। यही वजह है कि हज़रत ख़िज़र ने पहले ही शर्त रख दी कि जब तक आप मेरे कार्यों के पीछे की हिकमत न देख लें, तब तक आपको सब्र रखना होगा और सवाल नहीं करना होगा।
इस आयत से हमें एक बहुत बड़ा सबक मिलता है कि अल्लाह तआला की तदबीर (योजना) और उसके फ़ैसलों में अक्सर ऐसी बातें होती हैं जिनका रहस्य हमारी समझ से परे होता है। इंसान सीमित ज्ञान रखता है, जबकि अल्लाह का ज्ञान असीमित है। जब हम किसी परेशानी या मुश्किल का सामना करते हैं, तो हमें यह यकीन रखना चाहिए कि अल्लाह ने जो कुछ भी किया है, उसमें हमारी भलाई ही छिपी है। शायद हमें किसी चीज़ में बुराई नज़र आए, लेकिन उसी में हमारे लिए भलाई हो, और जिसमें हमें भलाई दिखे, उसी में बुराई हो — यही ईमान की असली पहचान है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें, उसके फ़ैसलों पर संतुष्ट रहें और धैर्य का दामन न छोड़ें। जब हम अपने ज्ञान की सीमाओं को पहचान लेंगे और अल्लाह के असीम ज्ञान के सामने सिर झुका देंगे, तो हमारा दिल सुकून पाएगा और हमारा ईमान मज़बूत होगा। याद रखिए, सब्र की मिठास उसी को मिलती है जो अल्लाह के हर फ़ैसले पर रज़ामंद होता है और उसकी हिकमत पर भरोसा रखता है।
📜 आयत 66-70 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 68
सूरा अल-कहफ आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (सच तो ये है) जो चीज़ आपके इल्मी अहाते…सूरा आयत 68/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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