अल-कहफ · 89/110
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-कहफ
ثُمَّ أَتْبَعَ سَبَبًا ۝٨٩
Summa atba`a sababaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर उस ने एक दूसरी राह एख्तियार की

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ثُمَّ (फिर): यहाँ इसका अर्थ है कि पिछले कार्य के बाद।
  • أَتْبَعَ (उसने पीछा किया / वह चला): अर्थात उसने रास्ता अपनाया या किसी साधन को पकड़ा।
  • سَبَبًا (साधन / रास्ता): यहाँ इसका अर्थ है वह मार्ग या ज़रिया जिससे वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सके।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला हमें ज़ुल-क़रनैन के सफ़र के बारे में बता रहे हैं। पिछली आयतों में उन्होंने पश्चिम की ओर सफ़र किया था, जहाँ उन्होंने सूरज को एक गर्म पानी के चश्मे में डूबते हुए देखा और वहाँ के लोगों को न्याय के साथ सुधारा। अब यह आयत बता रही है कि इसके बाद उन्होंने एक और रास्ता अपनाया — यानी उन्होंने पूर्व की ओर जाने का फ़ैसला किया।

यह "सबब" (साधन) वही शक्ति, ज्ञान और साम्राज्य था जो अल्लाह ने उन्हें दिया था। वे अपने इस सफ़र में अल्लाह की ज़मीन के अजीबो-ग़रीब नज़ारे देखने और वहाँ के लोगों की भलाई के लिए निकले। यह एक बहुत बड़ी नेमत थी कि अल्लाह ने उन्हें हर चीज़ का ज़रिया (साधन) अता किया था, और वे उसका इस्तेमाल अच्छे कामों में कर रहे थे।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह जिसे चाहता है, उसे दुनिया में ताक़त और साधन देता है, लेकिन असली कामयाबी उसी की है जो इन साधनों का इस्तेमाल अल्लाह की राह में और लोगों की भलाई के लिए करे। ज़ुल-क़रनैन ने अपनी ताक़त और साम्राज्य का इस्तेमाल कभी ज़ुल्म के लिए नहीं किया, बल्कि हर जगह जाकर उन्होंने अल्लाह का क़ानून नाफ़िज़ किया और लोगों की मदद की।

हमें भी चाहिए कि अल्लाह ने हमें जो भी नेमतें दी हैं — चाहे वह पैसा हो, इल्म हो, वक़्त हो या हुनर — उन्हें हम अच्छे कामों में लगाएँ। जब हम अपने साधनों को अल्लाह की राह में लगाएँगे, तो अल्लाह हमें और ज़्यादा ताक़त और बरकत देगा। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है। अल्लाह हमें अपने साधनों का सही इस्तेमाल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 87-91 — सूरा अल-कहफ

87قَالَ أَمَّا مَن ظَلَمَ فَسَوْفَ نُعَذِّبُهُ ثُمَّ يُرَدُّ إِلَىٰ رَبِّهِ فَيُعَذِّبُهُ عَذَابًا نُّكْرًا
जुलकरनैन ने अर्ज़ की जो शख्स सरकशी करेगा तो हम उसकी फौरन सज़ा कर देगें (आख़िर) फिर वह (क़यामत में) अपने परवरदिगार के सामने लौटाकर लाया ही जाएगा और वह बुरी से बुरी सज़ा देगा
88وَأَمَّا مَنْ آمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا فَلَهُ جَزَاءً الْحُسْنَىٰ ۖ وَسَنَقُولُ لَهُ مِنْ أَمْرِنَا يُسْرًا
और जो शख्स ईमान कुबूल करेगा और अच्छे काम करेगा तो (वैसा ही) उसके लिए अच्छे से अच्छा बदला है और हम बहुत जल्द उसे अपने कामों में से आसान काम (करने) को कहेंगे
89ثُمَّ أَتْبَعَ سَبَبًا
फिर उस ने एक दूसरी राह एख्तियार की
90حَتَّىٰ إِذَا بَلَغَ مَطْلِعَ الشَّمْسِ وَجَدَهَا تَطْلُعُ عَلَىٰ قَوْمٍ لَّمْ نَجْعَل لَّهُم مِّن دُونِهَا سِتْرًا
यहाँ तक कि जब चलते-चलते आफताब के तूलूउ होने की जगह पहुँचा तो (आफताब) से ऐसा ही दिखाई दिया (गोया) कुछ लोगों के सर पर उस तरह तुलूउ कर रहा है जिन के लिए हमने आफताब के सामने कोई आड़ नहीं बनाया था
91كَذَٰلِكَ وَقَدْ أَحَطْنَا بِمَا لَدَيْهِ خُبْرًا
और था भी ऐसा ही और जुलक़रनैन के पास वो कुछ भी था हमको उससे पूरी वाकफ़ियत थी
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीअवतरण स्थान
89आयत

अनुवाद — अल-कहफ 89

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सूरा आयत 89/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 87–91. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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