अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَطْلِعَ الشَّمْسِ: सूर्य के उदय होने का स्थान, अर्थात पूर्व दिशा का वह क्षेत्र।
- سِتْرًا: आड़, ढकने वाली चीज़, जैसे छत, दीवार, या पेड़ों की छाया।
तफ़सीर (व्याख्या):
फिर वे (ज़ुल-क़रनैन) पूर्व की ओर चलते रहे, यहाँ तक कि जब वे सूर्य के उदय होने के स्थान पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि सूर्य ऐसे लोगों पर उदय होता है जिनके पास न कोई इमारत है जो उन्हें धूप से बचाए, और न ही पेड़ हैं जो उनकी छाया करें। ये लोग ऐसी खुली ज़मीन पर रहते थे जहाँ न मकान बनते थे और न दरख़्त उगते थे। वे सूर्य की तपिश से बचने के लिए ज़मीन में बने गड्ढों (सुरंगों) में छिप जाते थे, और जब सूर्य ढल जाता था तो बाहर निकल आते थे। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अजीब नज़ारा था कि उसने इन लोगों को ऐसी जगह बसाया जहाँ कोई प्राकृतिक या बनावटी आड़ नहीं थी, फिर भी वे उसकी रहमत से गुज़ारा कर लेते थे।
यहाँ से हमें सबक़ मिलता है कि अल्लाह की तदबीर (योजना) और उसकी क़ुदरत के आगे इंसान की समझ बहुत छोटी है। जिस तरह उसने इन लोगों को बिना किसी आड़ के धूप सहने की ताक़त दी, उसी तरह वह हर मुश्किल में अपने बंदों के लिए रास्ता निकालता है। इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि दुनिया के हालात और लोगों की ज़िंदगी के तरीक़े अलग-अलग हैं, और अल्लाह हर इंसान को उसकी हैसियत के मुताबिक़ परखता है। हमें अपने पास मौजूद नेअमतों (आशीर्वादों) पर शुक्र करना चाहिए, चाहे वे कितनी भी छोटी क्यों न हों, क्योंकि अल्लाह ने हमें छत, साया, और आराम की चीज़ें दी हैं जो दुनिया के कई लोगों को नसीब नहीं।
यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि ज़ुल-क़रनैन एक नेक और ताक़तवर बादशाह थे जिन्होंने अल्लाह की ज़मीन का सफ़र किया, ताकि लोगों की मदद कर सकें और अल्लाह का पैग़ाम पहुँचा सकें। उनका यह सफ़र हमें सिखाता है कि हमें भी अपने इल्म और ताक़त को दूसरों की भलाई के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, और अल्लाह की बनाई हुई दुनिया में उसकी निशानियों पर ग़ौर करना चाहिए। जब हम सूरज, चाँद, ज़मीन और आसमान को देखते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह सब किसी खिलाड़ी ने नहीं बनाया, बल्कि अल्लाह ने बनाया है जो हर चीज़ पर क़ादिर है। यह ईमान की मज़बूती का ज़रिया है और हमें अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहना चाहिए, क्योंकि वही हमारा रब है और वही हमें रिज़्क़ देता है।
📜 आयत 88-92 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 90
सूरा अल-कहफ आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यहाँ तक कि जब चलते-चलते आफताब के तूलूउ होने की…सूरा आयत 90/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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