अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- انتَبَذَتْ: अलग हो गईं, एकांत में चली गईं।
- مَكَانًا شَرْقِيًّا: पूर्व दिशा की ओर एक स्थान (बैतुल-मुक़द्दस के पूर्वी हिस्से की तरफ)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इस क़ुरआन में मरियम (अलैहिस्सलाम) का वह क़िस्सा याद करें, जब वह अपने घरवालों से अलग होकर एक पूर्वी स्थान पर चली गईं। यह वह समय था जब अल्लाह ने उन्हें एक विशेष इबादत और एकांतवास के लिए तैयार किया था। वह बैतुल-मुक़द्दस के पूर्वी हिस्से में एकांत में चली गईं, ताकि वह अपने रब की इबादत में मशगूल रहें और दुनिया के शोर-शराबे से दूर रहकर अल्लाह से जुड़ सकें।
यह घटना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि इसी एकांतवास के दौरान अल्लाह ने उन्हें फ़रिश्ते के माध्यम से ईसा (अलैहिस्सलाम) के जन्म की खुशखबरी दी। यह एक ऐसा चमत्कार था जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, लेकिन अल्लाह की क़ुदरत के आगे सब कुछ संभव है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब इंसान अल्लाह की राह में एकांत अपनाता है और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित कर देता है, तो अल्लाह उसे ऐसे सम्मान और करामात से नवाज़ता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मरियम (अलैहिस्सलाम) की पाक दास्तान हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा और उसकी इबादत में लगे रहने से इंसान को वह मक़ाम हासिल होता है जो दुनिया की किसी भी दौलत से बढ़कर है।
यह क़िस्सा हमारे लिए एक नूर है, जो हमें बताता है कि अल्लाह के नेक बंदों की ज़िंदगी में हर कदम पर रहमत और बरकत होती है, और जो लोग अल्लाह की राह में अपने आप को वक़्फ़ कर देते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। हमें भी चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह से जुड़ाव को सबसे अहमियत दें, क्योंकि यही असली कामयाबी है।
📜 आयत 14-18 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 16
सूरा मरियम आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो…सूरा आयत 16/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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