मरियम · 16/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مَرْيَمَ إِذِ انتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًا شَرْقِيًّا ۝١٦
Wazkur fil Kitaabi Marya; izin tabazat min ahlihaa makaanan shariqyyaa
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो कि जब वह अपने लोगों से अलग होकर पूरब की तरफ़ वाले मकान में (गुस्ल के वास्ते) जा बैठें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • انتَبَذَتْ: अलग हो गईं, एकांत में चली गईं।
  • مَكَانًا شَرْقِيًّا: पूर्व दिशा की ओर एक स्थान (बैतुल-मुक़द्दस के पूर्वी हिस्से की तरफ)।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप इस क़ुरआन में मरियम (अलैहिस्सलाम) का वह क़िस्सा याद करें, जब वह अपने घरवालों से अलग होकर एक पूर्वी स्थान पर चली गईं। यह वह समय था जब अल्लाह ने उन्हें एक विशेष इबादत और एकांतवास के लिए तैयार किया था। वह बैतुल-मुक़द्दस के पूर्वी हिस्से में एकांत में चली गईं, ताकि वह अपने रब की इबादत में मशगूल रहें और दुनिया के शोर-शराबे से दूर रहकर अल्लाह से जुड़ सकें।

यह घटना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि इसी एकांतवास के दौरान अल्लाह ने उन्हें फ़रिश्ते के माध्यम से ईसा (अलैहिस्सलाम) के जन्म की खुशखबरी दी। यह एक ऐसा चमत्कार था जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, लेकिन अल्लाह की क़ुदरत के आगे सब कुछ संभव है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब इंसान अल्लाह की राह में एकांत अपनाता है और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित कर देता है, तो अल्लाह उसे ऐसे सम्मान और करामात से नवाज़ता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मरियम (अलैहिस्सलाम) की पाक दास्तान हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा और उसकी इबादत में लगे रहने से इंसान को वह मक़ाम हासिल होता है जो दुनिया की किसी भी दौलत से बढ़कर है।

यह क़िस्सा हमारे लिए एक नूर है, जो हमें बताता है कि अल्लाह के नेक बंदों की ज़िंदगी में हर कदम पर रहमत और बरकत होती है, और जो लोग अल्लाह की राह में अपने आप को वक़्फ़ कर देते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। हमें भी चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह से जुड़ाव को सबसे अहमियत दें, क्योंकि यही असली कामयाबी है।



📜 आयत 14-18 — सूरा मरियम

14وَبَرًّا بِوَالِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّا
और वह (ख़ुद भी) परहेज़गार और अपने माँ बाप के हक़ में सआदतमन्द थे और सरकश नाफरमान न थे
15وَسَلَامٌ عَلَيْهِ يَوْمَ وُلِدَ وَيَوْمَ يَمُوتُ وَيَوْمَ يُبْعَثُ حَيًّا
और (हमारी तरफ से) उन पर (बराबर) सलाम है जिस दिन पैदा हुए और जिस दिन मरेंगे और जिस दिन (दोबारा) ज़िन्दा उठा खड़े किए जाएँगे
16وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مَرْيَمَ إِذِ انتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًا شَرْقِيًّا
और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो कि जब वह अपने लोगों से अलग होकर पूरब की तरफ़ वाले मकान में (गुस्ल के वास्ते) जा बैठें
17فَاتَّخَذَتْ مِن دُونِهِمْ حِجَابًا فَأَرْسَلْنَا إِلَيْهَا رُوحَنَا فَتَمَثَّلَ لَهَا بَشَرًا سَوِيًّا
फिर उसने उन लोगों से परदा कर लिया तो हमने अपनी रूह (जिबरील) को उन के पास भेजा तो वह अच्छे ख़ासे आदमी की सूरत बनकर उनके सामने आ खड़ा हुआ
18قَالَتْ إِنِّي أَعُوذُ بِالرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّا
(वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार है तो मैं तुझ से खुदा की पनाह माँगती हूँ
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
16आयत

अनुवाद — मरियम 16

सूरा मरियम आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो…

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Friday, October 2, 2026

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