Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَلَامٌ: शांति, सुरक्षा और अमन।
- يَوْمَ وُلِدَ: जिस दिन वह पैदा हुए।
- يَوْمَ يَمُوتُ: जिस दिन उनकी मृत्यु होगी।
- يَوْمَ يُبْعَثُ حَيًّا: जिस दिन वह (क़ियामत के दिन) जीवित करके उठाए जाएँगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी हज़रत यहया (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए उन्हें तीन बड़े अवसरों पर अपनी ओर से सलाम और अमान (सुरक्षा) अता की है। ये तीन अवसर इंसान की ज़िंदगी के सबसे कठिन और डरावने लम्हात हैं:
- जन्म का दिन: जब बच्चा दुनिया में आता है, तो वह एक नई और अनजान दुनिया में प्रवेश करता है। इस दिन शैतान हर नवजात को छूने की कोशिश करता है, लेकिन हज़रत यहया (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह ने इससे महफ़ूज़ रखा।
- मृत्यु का दिन: मौत का समय इंसान के लिए सबसे भयावह होता है, जब आँखों से दुनिया ओझल होती है और आख़िरत की दुनिया शुरू होती है। इस दिन भी अल्लाह की ओर से उन्हें पूरी सलामती और अमन अता की गई।
- दोबारा उठाए जाने का दिन (क़ियामत): जब सभी इंसान अपनी क़ब्रों से उठेंगे और हश्र के मैदान में खड़े होंगे, उस दिन का खौफ़ सबसे बड़ा होगा। उस दिन भी अल्लाह ने हज़रत यहया (अलैहिस्सलाम) को अपनी ख़ास रहमत और सलामती से नवाज़ा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को हर मुश्किल घड़ी में अपनी पनाह में रखता है। जो लोग अल्लाह के फरमानों पर चलते हैं और उसकी राह में सब्र करते हैं, उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में सलामती और अमन मिलता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि अगर हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, तो हम भी इसी सलामती के हक़दार बन सकते हैं।
याद रखिए, यह ज़िंदगी एक इम्तिहान है। जो लोग इस इम्तिहान में अल्लाह के फरमानबरदार बनकर कामयाब होते हैं, उनके लिए तीनों मुश्किल घड़ियाँ (जन्म, मौत और हश्र) अमन और सलामती का ज़रिया बन जाती हैं। अल्लाह हम सबको अपनी रहमत से नवाज़े और हमें हज़रत यहया (अलैहिस्सलाम) जैसे नेक बंदों की सीरत पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 13-17 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 15
सूरा मरियम आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (हमारी तरफ से) उन पर (बराबर) सलाम है जिस…सूरा आयत 15/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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