अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نَرِثُهُ – हम उसका उत्तराधिकारी बनेंगे (अर्थात् उसका माल और औलाद उससे छीन लेंगे)
- مَا يَقُولُ – वह चीज़ जिसकी वह बात करता है (अर्थात् माल और औलाद जिन पर वह घमंड करता है)
- فَرْدًا – अकेला, बिना किसी साथी के
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन घमंडी लोगों के बारे में है जो दुनिया के माल और औलाद पर इतराते हैं और सोचते हैं कि यही उनकी स्थायी पूँजी है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम उसका वह सब कुछ विरासत में ले लेंगे जिसकी वह बात करता है — यानी उसका धन, उसकी संतान, उसकी शक्ति और उसका पद — और उसे इस दुनिया से ऐसे निकाल देंगे जैसे वह कभी इन चीज़ों का मालिक ही नहीं था।
फिर क़यामत के दिन वह हमारे सामने अकेला हाज़िर होगा — न उसका माल उसके काम आएगा, न उसकी औलाद उसे बचा सकेगी, न उसके रिश्तेदार और न ही उसकी दुनियावी इज़्ज़त। वह बिल्कुल उसी तरह अकेला आएगा जैसे वह पैदा हुआ था — नंगा, बेसहारा और बेबस।
यह एक बहुत बड़ी सीख है हमारे लिए कि दुनिया का माल और औलाद केवल एक इम्तिहान है। जिसने इन्हें अल्लाह की राह में खर्च किया, वही असल में कामयाब है। और जिसने इन पर घमंड किया और इन्हें ही अपना सब कुछ समझ लिया, वह क़यामत के दिन सब कुछ खोकर अकेला हाज़िर होगा।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि हम दुनिया के मोह में न पड़ें। हमारा असल घर आख़िरत है। जो चीज़ें हमें अल्लाह से ग़ाफ़िल कर दें, वे हमारे लिए नुक़सानदेह हैं। आओ, हम अपने माल और औलाद को अल्लाह की राह में खर्च करें, उन्हें नेक बनाएँ, और उन्हें अपने लिए सदक़ा-ए-जारिया बनाएँ — ताकि जिस दिन हम अकेले अल्लाह के सामने हाज़िर हों, उस दिन हमारे अच्छे आमाल हमारे साथ हों और हमारा चेहरा रोशन हो।
📜 आयत 78-82 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 80
सूरा मरियम आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वो माल व औलाद की निस्बत बक रहा है…सूरा आयत 80/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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