मरियम · 81/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَاتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ آلِهَةً لِّيَكُونُوا لَهُمْ عِزًّا ۝٨١
Wattakhazoo min doonil laahi aalihatal liyakoonoo lahum `izzaa
📖 हिंदी अर्थ
और उन लोगों ने खुदा को छोड़कर दूसरे-दूसरे माबूद बना रखे हैं ताकि वह उनकी इज्ज़त के बाएस हों हरग़िज़ नहीं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • اتَّخَذُوا – उन्होंने बना लिया / अपना लिया
  • مِن دُونِ اللهِ – अल्लाह को छोड़कर
  • آلِهَةً – पूजनीय वस्तुएँ (देवता / माबूद)
  • عِزًّا – शक्ति, सम्मान, सहारा और मदद का ज़रिया

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला मक्का के मुशरिकों के उस हाल का ज़िक्र कर रहे हैं जब उन्होंने अल्लाह को छोड़कर अपने लिए माबूद (पूज्य) बना लिए थे — यानी बुत, मूर्तियाँ और देवी-देवता। उन्होंने ये माबूद इसलिए बनाए थे कि वे उनके लिए "इज़्ज़त" का ज़रिया बनें, यानी वे उनके सहारे बनें, उनकी मदद करें, और उन्हें दूसरे क़बीलों के मुक़ाबले में ताक़त और बड़ाई दिलाएँ। वे सोचते थे कि ये बुत उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देंगे, मुसीबत में काम आएँगे और उनकी शिफ़ाअत करेंगे।

मगर यह उनकी बड़ी भूल थी। ये माबूद न तो उन्हें कोई फ़ायदा पहुँचा सकते थे, न नुक़सान से बचा सकते थे, और न ही क़यामत के दिन उनके किसी काम आ सकते थे। बल्कि ये बुत ख़ुद उनके लिए बोझ बन जाएँगे और उनके ख़िलाफ़ गवाही देंगे।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त सिखाती है — कि इज़्ज़त और ताक़त सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में है। जो लोग अल्लाह को छोड़कर दूसरों से इज़्ज़त और मदद की उम्मीद रखते हैं, वे सिर्फ़ धोखे में हैं। सच्ची इज़्ज़त तो अल्लाह की इबादत और उसके दीन पर चलने में है। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "इज़्ज़त तो सिर्फ़ अल्लाह, उसके रसूल और मोमिनीन के लिए है" (मुनाफ़िक़ून: 8)।

तो हमें चाहिए कि हम अपनी उम्मीदें, अपना भरोसा और अपनी मदद सिर्फ़ अल्लाह से माँगें। वही है जो मुसीबत में काम आता है, वही है जो इज़्ज़त देता है और वही है जो हमें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी दे सकता है। जो लोग अल्लाह को छोड़कर किसी और से उम्मीद लगाते हैं, वे उस मकड़ी की तरह हैं जो अपना घर बनाती है, मगर सबसे कमज़ोर घर मकड़ी का ही होता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 79-83 — मरियम

79كَلَّا ۚ سَنَكْتُبُ مَا يَقُولُ وَنَمُدُّ لَهُ مِنَ الْعَذَابِ مَدًّا
जो कुछ ये बकता है (सब) हम सभी से लिखे लेते हैं और उसके लिए और ज्यादा अज़ाब बढ़ाते हैं
80وَنَرِثُهُ مَا يَقُولُ وَيَأْتِينَا فَرْدًا
और वो माल व औलाद की निस्बत बक रहा है हम ही उसके मालिक हो बैठेंगे और ये हमारे पास तनहा आयेगा
81وَاتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ آلِهَةً لِّيَكُونُوا لَهُمْ عِزًّا
और उन लोगों ने खुदा को छोड़कर दूसरे-दूसरे माबूद बना रखे हैं ताकि वह उनकी इज्ज़त के बाएस हों हरग़िज़ नहीं
82كَلَّا ۚ سَيَكْفُرُونَ بِعِبَادَتِهِمْ وَيَكُونُونَ عَلَيْهِمْ ضِدًّا
(बल्कि) वह माबूद खुद उनकी इबादत से इन्कार करेंगे और (उल्टे) उनके दुशमन हो जाएँगे
83أَلَمْ تَرَ أَنَّا أَرْسَلْنَا الشَّيَاطِينَ عَلَى الْكَافِرِينَ تَؤُزُّهُمْ أَزًّا
(ऐ रसूल) क्या तुमने इसी बात को नहीं देखा कि हमने शैतान को काफ़िरों पर छोड़ रखा है कि वह उन्हें बहकाते रहते हैं
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अनुवाद — मरियम 81

सूरा मरियम आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने खुदा को छोड़कर दूसरे-दूसरे माबूद बना…

सूरा आयत 81/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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