Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नَحْشُرُ: हम इकट्ठा करेंगे, एकत्रित करेंगे।
- الْمُتَّقِينَ: परहेज़गार, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
- وَفْدًا: (वफ़्द) का बहुवचन, जिसका अर्थ है वह प्रतिनिधिमंडल या मेहमान जो किसी बड़े के पास सम्मान के साथ जाता है। यहाँ अर्थ है कि वे सवार होकर, सम्मानित और आदर सहित अल्लाह की ओर आएंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! आप उस दिन को याद कीजिए, जिस दिन हम परहेज़गार बंदों को — जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन किया और उसकी मनाही से बचे — उनकी क़ब्रों से इकट्ठा करके रहमान (अल्लाह) की ओर ले जाएंगे। वे उस दिन वफ़्द (सम्मानित प्रतिनिधिमंडल) की तरह होंगे, यानी जिस तरह दुनिया में किसी बादशाह के पास उसके ख़ास मेहमान सवार होकर, सजे-धजे और सम्मान के साथ आते हैं, उसी तरह ये मोमिनीन उस दिन अल्लाह की बारगाह में इज़्ज़त और आबरू के साथ पेश होंगे।
यह उनका सम्मान होगा कि उन्हें पैदल नहीं, बल्कि सवारी पर बिठाकर, शान और अज़मत के साथ रहमान की ओर लाया जाएगा। यह उनके लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है कि उनका रब उनसे इस कदर मुहब्बत करता है कि उन्हें अपने ख़ास मेहमानों की तरह बुलाएगा।
इसके मुक़ाबले में काफ़िरों का हाल यह होगा कि उन्हें प्यासे और पैदल, बुरी तरह से धकेलते हुए जहन्नम की तरफ़ ले जाया जाएगा। यह तफ़रीक़ (अंतर) अल्लाह के न्याय और उसकी रहमत का नमूना है।
दावती पहलू:
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक प्यारी ख़ुशख़बरी है जो अल्लाह से डरता है और उसकी राह पर चलता है। ज़रा सोचिए — जिस रब ने पूरी कायनात को बनाया, उसके सामने आपको वफ़्द यानी ख़ास मेहमान बनकर जाना है! यह कितनी बड़ी इज़्ज़त है!
तो अगर आप चाहते हैं कि उस दिन आपका यही हाल हो, तो आज से ही अपनी ज़िंदगी को परहेज़गारी की राह पर लगा दीजिए। नमाज़ पढ़िए, रोज़ा रखिए, सच बोलिए, लोगों के साथ भलाई कीजिए, और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलिए। यह मुश्किल नहीं है — बस नीयत सच्ची हो और हौसला बुलंद। अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है, और जो उसकी तरफ़ बढ़ता है, अल्लाह उसकी तरफ़ दौड़कर आता है।
उस दिन की इज़्ज़त आज की थोड़ी सी मेहनत से मिलेगी। याद रखिए, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन उसका इनाम हमेशा की ज़िंदगी में मिलेगा। अल्लाह हम सबको उन मुत्तक़ियों में शामिल करे, आमीन।
📜 आयत 83-87 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 85
सूरा मरियम आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जिस दिन परहेज़गारों को (खुदाए) रहमान के (अपने) सामने…सूरा आयत 85/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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