मरियम · 85/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
يَوْمَ نَحْشُرُ الْمُتَّقِينَ إِلَى الرَّحْمَٰنِ وَفْدًا ۝٨٥
Yawma nahshurul muttaqeena ilar Rahmaani wafdaa
📖 हिंदी अर्थ
कि जिस दिन परहेज़गारों को (खुदाए) रहमान के (अपने) सामने मेहमानों की तरह तरह जमा करेंगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नَحْشُرُ: हम इकट्ठा करेंगे, एकत्रित करेंगे।
  • الْمُتَّقِينَ: परहेज़गार, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
  • وَفْدًا: (वफ़्द) का बहुवचन, जिसका अर्थ है वह प्रतिनिधिमंडल या मेहमान जो किसी बड़े के पास सम्मान के साथ जाता है। यहाँ अर्थ है कि वे सवार होकर, सम्मानित और आदर सहित अल्लाह की ओर आएंगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

हे नबी! आप उस दिन को याद कीजिए, जिस दिन हम परहेज़गार बंदों को — जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन किया और उसकी मनाही से बचे — उनकी क़ब्रों से इकट्ठा करके रहमान (अल्लाह) की ओर ले जाएंगे। वे उस दिन वफ़्द (सम्मानित प्रतिनिधिमंडल) की तरह होंगे, यानी जिस तरह दुनिया में किसी बादशाह के पास उसके ख़ास मेहमान सवार होकर, सजे-धजे और सम्मान के साथ आते हैं, उसी तरह ये मोमिनीन उस दिन अल्लाह की बारगाह में इज़्ज़त और आबरू के साथ पेश होंगे।

यह उनका सम्मान होगा कि उन्हें पैदल नहीं, बल्कि सवारी पर बिठाकर, शान और अज़मत के साथ रहमान की ओर लाया जाएगा। यह उनके लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है कि उनका रब उनसे इस कदर मुहब्बत करता है कि उन्हें अपने ख़ास मेहमानों की तरह बुलाएगा।

इसके मुक़ाबले में काफ़िरों का हाल यह होगा कि उन्हें प्यासे और पैदल, बुरी तरह से धकेलते हुए जहन्नम की तरफ़ ले जाया जाएगा। यह तफ़रीक़ (अंतर) अल्लाह के न्याय और उसकी रहमत का नमूना है।

दावती पहलू:

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक प्यारी ख़ुशख़बरी है जो अल्लाह से डरता है और उसकी राह पर चलता है। ज़रा सोचिए — जिस रब ने पूरी कायनात को बनाया, उसके सामने आपको वफ़्द यानी ख़ास मेहमान बनकर जाना है! यह कितनी बड़ी इज़्ज़त है!

तो अगर आप चाहते हैं कि उस दिन आपका यही हाल हो, तो आज से ही अपनी ज़िंदगी को परहेज़गारी की राह पर लगा दीजिए। नमाज़ पढ़िए, रोज़ा रखिए, सच बोलिए, लोगों के साथ भलाई कीजिए, और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलिए। यह मुश्किल नहीं है — बस नीयत सच्ची हो और हौसला बुलंद। अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है, और जो उसकी तरफ़ बढ़ता है, अल्लाह उसकी तरफ़ दौड़कर आता है।

उस दिन की इज़्ज़त आज की थोड़ी सी मेहनत से मिलेगी। याद रखिए, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन उसका इनाम हमेशा की ज़िंदगी में मिलेगा। अल्लाह हम सबको उन मुत्तक़ियों में शामिल करे, आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 83-87 — मरियम

83أَلَمْ تَرَ أَنَّا أَرْسَلْنَا الشَّيَاطِينَ عَلَى الْكَافِرِينَ تَؤُزُّهُمْ أَزًّا
(ऐ रसूल) क्या तुमने इसी बात को नहीं देखा कि हमने शैतान को काफ़िरों पर छोड़ रखा है कि वह उन्हें बहकाते रहते हैं
84فَلَا تَعْجَلْ عَلَيْهِمْ ۖ إِنَّمَا نَعُدُّ لَهُمْ عَدًّا
तो (ऐ रसूल) तुम उन काफिरों पर (नुज़ूले अज़ाब की) जल्दी न करो हम तो बस उनके लिए (अज़ाब) का दिन गिन रहे हैं
85يَوْمَ نَحْشُرُ الْمُتَّقِينَ إِلَى الرَّحْمَٰنِ وَفْدًا
कि जिस दिन परहेज़गारों को (खुदाए) रहमान के (अपने) सामने मेहमानों की तरह तरह जमा करेंगे
86وَنَسُوقُ الْمُجْرِمِينَ إِلَىٰ جَهَنَّمَ وِرْدًا
और गुनेहगारों को जहन्नुम की तरफ प्यासे (जानवरो की तरह हकाँएगे
87لَّا يَمْلِكُونَ الشَّفَاعَةَ إِلَّا مَنِ اتَّخَذَ عِندَ الرَّحْمَٰنِ عَهْدًا
(उस दिन) ये लोग सिफारिश पर भी क़ादिर न होंगे मगर (वहाँ) जिस शख्स ने ख़ुदा से (सिफारिश का) एक़रा ले लिया हो
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अनुवाद — मरियम 85

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सूरा आयत 85/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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