अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَا تَعْجَلْ عَلَيْهِمْ: उन पर जल्दी न करें (अर्थात उनके लिए अज़ाब में जल्दी न माँगें)।
- نَعُدُّ لَهُمْ عَدًّا: हम उनके लिए गिनती कर रहे हैं, एक पूरी गिनती (अर्थात उनकी साँसों, उम्र और आयु की गिनती)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! इन काफ़िरों पर अज़ाब लाने की जल्दी न करें, और न ही उनके विनाश की कामना में जल्दबाज़ी दिखाएँ। यह आपके लिए धैर्य और सब्र का आदेश है, क्योंकि अल्लाह तआला ने उनकी मुहलत को एक निश्चित समय तक मुक़र्रर किया है। वह उनकी उम्रों, साँसों, और आमाल (कर्मों) को शुमार कर रहा है—हर लम्हा, हर साँस, हर क़दम उसके इल्म में है। यह गिनती न तो कम होती है और न ज़्यादा; जब यह मुकम्मल हो जाएगी, तो उन्हें उनके किए का पूरा बदला मिलेगा, बिना किसी देरी के।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में सब्र करना चाहिए। कभी-कभी हम देखते हैं कि बुराई करने वाले फल-फूल रहे हैं, लेकिन यह अल्लाह की ओर से उन्हें दी गई मुहलत है। अल्लाह न्यायपूर्ण है और हर चीज़ का हिसाब रखता है। उसकी गिनती में कोई भूल नहीं होती, और उसका फैसला सबसे बेहतर है। इसलिए हमें जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी योजना पर यक़ीन करना चाहिए।
यह भी एक इंसाफ़ की बात है कि अल्लाह हर इंसान को उसकी मुहलत पूरी करने का मौक़ा देता है, ताकि वह तौबा कर सके या अपने कर्मों का सबूत पूरा कर सके। लेकिन जब समय आएगा, तो अल्लाह का अज़ाब आएगा, और कोई उसे टाल नहीं सकता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को अच्छे कर्मों से भरें, क्योंकि हमारी भी गिनती हो रही है, और हमें अपने रब के सामने हाज़िर होना है।
📜 आयत 82-86 — मरियम
अनुवाद — मरियम 84
सूरा मरियम आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम उन काफिरों पर (नुज़ूले अज़ाब की)…सूरा आयत 84/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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