मरियम · 86/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَنَسُوقُ الْمُجْرِمِينَ إِلَىٰ جَهَنَّمَ وِرْدًا ۝٨٦
Wa nasooqul mujrimeena ilaa Jahannama wirdaa
📖 हिंदी अर्थ
और गुनेहगारों को जहन्नुम की तरफ प्यासे (जानवरो की तरह हकाँएगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَنَسُوقُ: हम हाँक कर ले जाएँगे (बड़ी सख्ती से, बेइज़्ज़ती के साथ)
  • الْمُجْرِمِينَ: अपराधी, जिन्होंने कुफ़्र और गुनाहों में ज़िंदगी गुज़ारी
  • وِرْدًا: प्यासे हालत में, हालाँकि यह शब्द "वारिद" का बहुवचन है, यानी जो पानी पर पहुँचे हुए हों — यहाँ मतलब है कि वे इस हालत में जहन्नम की तरफ़ ले जाए जाएँगे कि उनकी गर्दनें प्यास से सूख गई होंगी, और वे पैदल, बेसहारा, अपमानित होकर जाएँगे।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के दिन के दो मंज़र दिखा रहे हैं — एक तरफ़ मुत्तक़ी (परहेज़गार) लोगों का इज़्ज़त और रहमत के साथ अपने रब की तरफ़ जाना, और दूसरी तरफ़ मुजरिमों (अपराधियों) का वो हाल जो बयान किया जा रहा है।

अल्लाह फ़रमाता है: "और हम अपराधियों को जहन्नम की तरफ़ प्यासे हालत में हाँक कर ले जाएँगे।"

यानी जिस तरह एक चरवाहा अपने जानवरों को सख्ती से हाँकता है, उसी तरह फ़रिश्ते इन मुजरिमों को सख्ती और बेरहमी से जहन्नम की तरफ़ धकेलते हुए ले जाएँगे। ये लोग पैदल होंगे, प्यास से बुरी हालत में होंगे, उनकी गर्दनें प्यास के मारे सूख गई होंगी, और वे इस हालत में जहन्नम के किनारे पहुँचाए जाएँगे — जहाँ उनके लिए सिर्फ़ आग, जलता हुआ पानी और अज़ाब का सामान होगा।

यह वो लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, रसूलों को झुठलाया, और अपनी ज़िंदगी गुनाहों में गुज़ारी। आज वो उस हालत में हैं कि कोई उनकी मदद करने वाला नहीं, कोई सिफ़ारिश करने वाला नहीं, और न ही कोई उन्हें पानी का एक घूँट देने वाला है।


दावती पहलू (नसीहत):

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है — अगर आज हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों से ग़ाफ़िल हैं, गुनाहों में डूबे हुए हैं, और मरते दम तक इसी हालत में रहे, तो क़यामत के दिन हमारा यही हाल होगा। लेकिन अल्लाह रहम करने वाला है — उसने हमें मौक़ा दिया है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आज भी अगर हम अपने रब की तरफ़ लौट आएँ, अपने गुनाहों से तौबा कर लें, और अच्छे आमाल करें, तो अल्लाह हमें उन मुत्तक़ी लोगों में शामिल करेगा जो इज़्ज़त और रहमत के साथ अपने रब की तरफ़ जाएँगे।

याद रखिए — यह दुनिया इम्तिहान की जगह है, और क़यामत का दिन उस इम्तिहान का नतीजा है। जिसने यहाँ अल्लाह की इताअत की, वहाँ उसे इज़्ज़त मिलेगी; और जिसने यहाँ नाफ़रमानी की, उसे वहाँ उसका पूरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 84-88 — मरियम

84فَلَا تَعْجَلْ عَلَيْهِمْ ۖ إِنَّمَا نَعُدُّ لَهُمْ عَدًّا
तो (ऐ रसूल) तुम उन काफिरों पर (नुज़ूले अज़ाब की) जल्दी न करो हम तो बस उनके लिए (अज़ाब) का दिन गिन रहे हैं
85يَوْمَ نَحْشُرُ الْمُتَّقِينَ إِلَى الرَّحْمَٰنِ وَفْدًا
कि जिस दिन परहेज़गारों को (खुदाए) रहमान के (अपने) सामने मेहमानों की तरह तरह जमा करेंगे
86وَنَسُوقُ الْمُجْرِمِينَ إِلَىٰ جَهَنَّمَ وِرْدًا
और गुनेहगारों को जहन्नुम की तरफ प्यासे (जानवरो की तरह हकाँएगे
87لَّا يَمْلِكُونَ الشَّفَاعَةَ إِلَّا مَنِ اتَّخَذَ عِندَ الرَّحْمَٰنِ عَهْدًا
(उस दिन) ये लोग सिफारिश पर भी क़ादिर न होंगे मगर (वहाँ) जिस शख्स ने ख़ुदा से (सिफारिश का) एक़रा ले लिया हो
88وَقَالُوا اتَّخَذَ الرَّحْمَٰنُ وَلَدًا
और (यहूदी) लोग कहते हैं कि खुदा ने (अज़ीज़ को) बेटा बना लिया है
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
86आयत

अनुवाद — मरियम 86

सूरा मरियम आयत 86 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और गुनेहगारों को जहन्नुम की तरफ प्यासे (जानवरो की तरह…

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Tuesday, August 18, 2026

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