Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَنَسُوقُ: हम हाँक कर ले जाएँगे (बड़ी सख्ती से, बेइज़्ज़ती के साथ)
- الْمُجْرِمِينَ: अपराधी, जिन्होंने कुफ़्र और गुनाहों में ज़िंदगी गुज़ारी
- وِرْدًا: प्यासे हालत में, हालाँकि यह शब्द "वारिद" का बहुवचन है, यानी जो पानी पर पहुँचे हुए हों — यहाँ मतलब है कि वे इस हालत में जहन्नम की तरफ़ ले जाए जाएँगे कि उनकी गर्दनें प्यास से सूख गई होंगी, और वे पैदल, बेसहारा, अपमानित होकर जाएँगे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के दिन के दो मंज़र दिखा रहे हैं — एक तरफ़ मुत्तक़ी (परहेज़गार) लोगों का इज़्ज़त और रहमत के साथ अपने रब की तरफ़ जाना, और दूसरी तरफ़ मुजरिमों (अपराधियों) का वो हाल जो बयान किया जा रहा है।
अल्लाह फ़रमाता है: "और हम अपराधियों को जहन्नम की तरफ़ प्यासे हालत में हाँक कर ले जाएँगे।"
यानी जिस तरह एक चरवाहा अपने जानवरों को सख्ती से हाँकता है, उसी तरह फ़रिश्ते इन मुजरिमों को सख्ती और बेरहमी से जहन्नम की तरफ़ धकेलते हुए ले जाएँगे। ये लोग पैदल होंगे, प्यास से बुरी हालत में होंगे, उनकी गर्दनें प्यास के मारे सूख गई होंगी, और वे इस हालत में जहन्नम के किनारे पहुँचाए जाएँगे — जहाँ उनके लिए सिर्फ़ आग, जलता हुआ पानी और अज़ाब का सामान होगा।
यह वो लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, रसूलों को झुठलाया, और अपनी ज़िंदगी गुनाहों में गुज़ारी। आज वो उस हालत में हैं कि कोई उनकी मदद करने वाला नहीं, कोई सिफ़ारिश करने वाला नहीं, और न ही कोई उन्हें पानी का एक घूँट देने वाला है।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है — अगर आज हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों से ग़ाफ़िल हैं, गुनाहों में डूबे हुए हैं, और मरते दम तक इसी हालत में रहे, तो क़यामत के दिन हमारा यही हाल होगा। लेकिन अल्लाह रहम करने वाला है — उसने हमें मौक़ा दिया है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आज भी अगर हम अपने रब की तरफ़ लौट आएँ, अपने गुनाहों से तौबा कर लें, और अच्छे आमाल करें, तो अल्लाह हमें उन मुत्तक़ी लोगों में शामिल करेगा जो इज़्ज़त और रहमत के साथ अपने रब की तरफ़ जाएँगे।
याद रखिए — यह दुनिया इम्तिहान की जगह है, और क़यामत का दिन उस इम्तिहान का नतीजा है। जिसने यहाँ अल्लाह की इताअत की, वहाँ उसे इज़्ज़त मिलेगी; और जिसने यहाँ नाफ़रमानी की, उसे वहाँ उसका पूरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 84-88 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 86
सूरा मरियम आयत 86 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और गुनेहगारों को जहन्नुम की तरफ प्यासे (जानवरो की तरह…सूरा आयत 86/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 84–88. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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