Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- तक़्वा (اتقوا): डरना, बचना, सावधान रहना।
- तज्ज़ी (تجزي): किसी की ओर से कुछ अदा करना, किसी के बदले कुछ देना।
- अद्ल (عدل): फ़िदया, बदला, मुआवज़ा।
- शफ़ाअत (شفاعة): सिफ़ारिश, वसीला।
- युन्सरून (ينصرون): मदद दिए जाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को उस महान दिन से डरा रहे हैं जिस दिन हर इंसान अपने कर्मों का हिसाब देगा। यह दिन ऐसा होगा कि कोई भी आत्मा किसी दूसरी आत्मा के किसी काम न आएगी। न कोई किसी के बदले कुछ अदा कर सकेगा, न कोई किसी का बोझ उठाएगा। उस दिन अल्लाह की अनुमति के बिना कोई शफ़ाअत (सिफ़ारिश) काम नहीं आएगी, और न ही कोई किसी की मदद कर सकेगा।
यह आयत हमें बताती है कि आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं, यहाँ रिश्तेदार, दोस्त, सिफ़ारिशें और मदद सब काम आती है, लेकिन क़ियामत के दिन केवल अल्लाह का फ़ैसला होगा। वहाँ न तो कोई रिश्ता काम आएगा, न दोस्ती, न सिफ़ारिश, न धन-दौलत। हर इंसान अकेला होगा और उसके सामने सिर्फ़ उसके अमल (कर्म) होंगे।
इसलिए अल्लाह तआला हमें नसीहत दे रहे हैं कि हम इस दिन के लिए तैयारी करें। इसका एक ही तरीक़ा है — अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचें। जो आज अल्लाह से डरेगा और उसकी राह पर चलेगा, उसे उस दिन किसी की मदद की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि अल्लाह उसके साथ होगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने आचरण को सुधारना चाहिए, क्योंकि आज का हर अच्छा या बुरा काम उस दिन हमारे सामने आएगा। अल्लाह ने हमें जीवन का यह अवसर दिया है ताकि हम अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें। आइए, हम इस नसीहत पर अमल करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, ताकि उस दिन हम सुरक्षित रहें और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 121-125 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 123
सूरा अल-बकरा आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस दिन से डरो जिस दिन कोई शख्स किसी…सूरा आयत 123/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 121–125. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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