अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- انتَهَوْا: रुक जाएं, बाज़ आ जाएं (अपने कुफ़्र और लड़ाई से)।
- غَفُور: अत्यधिक क्षमा करने वाला।
- رَّحِيم: बड़ी दया करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यदि ये लोग (मुशरिकीन) अपने कुफ़्र, शिर्क और मस्जिद-ए-हराम के पास आपसे लड़ने से बाज़ आ जाएं, और इस्लाम में दाख़िल हो जाएं, तो आप भी उन्हें छोड़ दें और उनसे लड़ना बंद कर दें। बेशक अल्लाह तआला अपने बंदों के लिए बड़ा क्षमा करने वाला और अत्यंत दयावान है। वह उन लोगों के पिछले गुनाहों को माफ़ कर देता है जो तौबा करके उसकी ओर लौट आते हैं, और उन पर अपनी रहमत की बारिश करता है। वह उन्हें उनके पुराने गुनाहों की सज़ा नहीं देता, बल्कि अपनी दया से उन्हें माफ़ कर देता है और उनके साथ नर्मी और मेहरबानी का बर्ताव करता है। यह अल्लाह की बहुत बड़ी फज़ल है कि जैसे ही इंसान अपनी गलती से बाज़ आता है और सच्चे दिल से तौबा करता है, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उस पर रहमत फरमाता है।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह तआला बहुत दयालु और क्षमाशील है; वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ करने में जल्दी करता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें।
- इस्लाम दुश्मनी और नफ़रत का धर्म नहीं, बल्कि रहमत और क्षमा का धर्म है। दुश्मन भी अगर सुलह का हाथ बढ़ाए, तो उसे क़ुबूल किया जाता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अगर कोई इंसान अपनी गलती से बाज़ आ जाए, तो हमें भी उसके साथ नरमी और भलाई का बर्ताव करना चाहिए, और उसके पिछले क़ुसूर को भुला देना चाहिए।
- अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से पहले है; वह अपने बंदों को सज़ा देने में जल्दबाज़ी नहीं करता, बल्कि उन्हें तौबा का मौक़ा देता है और फिर उन्हें माफ़ कर देता है।
- यह आयत मुसलमानों को उम्मीद और ख़ुशी देती है कि चाहे कितने ही बड़े गुनाह क्यों न हों, अल्लाह की क्षमा उससे कहीं बड़ी है।
📜 आयत 190-194 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 192
सूरा अल-बकरा आयत 192 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर अगर वह लोग बाज़ रहें तो बेशक ख़ुदा बड़ा…सूरा आयत 192/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 190–194. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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