अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- निअ्मती: मेरी नेअमतें (अनगिनत उपकार और कृपाएँ)
- औफू बिअह्दी: मेरे साथ किए गए वचन को पूरा करो
- औफी बिअह्दिकुम: मैं तुम्हारे साथ किए गए वचन को पूरा करूँगा
- फारहबून: मुझी से डरो (मेरा भय रखो)
विस्तृत तफ़सीर:
ऐ इसराईल (हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम) की संतानो! उस महान ईश्वर की उन अनगिनत नेअमतों को याद करो जो उसने तुम पर और तुम्हारे पूर्वजों पर बरसाईं। जब उसने तुम्हारे बुज़ुर्गों को फ़िरऔन की ग़ुलामी से आज़ाद किया, समुद्र को चीरकर तुम्हारे लिए रास्ता बनाया, तुम पर 'मन्न' और 'सल्वा' (आसमानी भोजन) उतारा, और तुम्हें दुनिया भर की क़ौमों पर फ़ज़ीलत दी। ये नेअमतें सिर्फ़ ज़बान से याद करने की चीज़ नहीं हैं, बल्कि दिल से एहसान-मंदी और शुक्र अदा करने की हैं, ताकि ये नेअमतें क़ायम रहें और बढ़ती रहें।
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "मेरे साथ किए गए वचन को पूरा करो, तो मैं तुम्हारे साथ किए गए वचन को पूरा करूँगा।" यानी मेरा वचन यह है कि तुम मेरी इबादत करो, मेरे भेजे हुए रसूलों पर ईमान लाओ, उनकी ताबेदारी करो, और मेरी शरीअत के हुक्मों पर अमल करो। ख़ास तौर पर आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ पर ईमान लाना, क्योंकि तुम्हारी अपनी किताबों में भी उनके आने की ख़ुशख़बरी दी गई थी। अगर तुम इस वचन को निभाओगे, तो मैं अपना वचन पूरा करूँगा — यानी तुम्हें दुनिया में रहमत और बरकत दूँगा, और आख़िरत में जन्नत और मग़फ़िरत अता करूँगा।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और मुझी से डरो।" यानी अल्लाह के सिवा किसी से न डरो, क्योंकि डरना सिर्फ़ उसी का हक़ है। उसके अज़ाब से डरो, उसकी पकड़ से डरो, और उसके वचन को तोड़ने से बचो। याद रखो कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख़्त है, और उसका वादा सच्चा है।
दावती पहलू:
ये आयत हम सबके लिए एक बेहतरीन सबक़ है। अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें सीधा रास्ता दिखाना चाहता है। जिस तरह उसने बनी इसराईल को नेअमतें दीं और उनसे वचन लिया, उसी तरह हम मुसलमानों से भी वचन लिया है कि हम उसकी इबादत करें और उसके रसूल ﷺ की पैरवी करें। अगर हम इस वचन को निभाएँगे, तो अल्लाह हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा। ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से वादा करने के बाद उसे निभाना चाहिए, क्योंकि अल्लाह अपने वादे को पूरा करने वाला है। आओ, हम अपने रब के साथ अपने रिश्ते को मज़बूत करें, उसकी नेअमतों का शुक्र अदा करें, और उसके हुक्मों पर अमल करके उसकी रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 38-42 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 40
सूरा अल-बकरा आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ बनी इसराईल (याक़ूब की औलाद) मेरे उन एहसानात को…सूरा आयत 40/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








