अल-बकरा · 41/286
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बकरा
وَآمِنُوا بِمَا أَنزَلْتُ مُصَدِّقًا لِّمَا مَعَكُمْ وَلَا تَكُونُوا أَوَّلَ كَافِرٍ بِهِ ۖ وَلَا تَشْتَرُوا بِآيَاتِي ثَمَنًا قَلِيلًا وَإِيَّايَ فَاتَّقُونِ ۝٤١
Wa aaminoo bimaaa anzaltu musaddiqal limaa ma`akum wa laa takoonooo awwala kaafirim bihee wa laa tashtaroo bi Aayaatee samanan qaleelanw wa iyyaaya fattaqoon
📖 हिंदी अर्थ
और जो (कुरान) मैंने नाज़िल किया वह उस किताब (तौरेत) की (भी) तसदीक़ करता हूँ जो तुम्हारे पास है और तुम सबसे चले उसके इन्कार पर मौजूद न हो जाओ और मेरी आयतों के बदले थोड़ी क़ीमत (दुनयावी फायदा) न लो और मुझ ही से डरते रहो

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مُصَدِّقًا: पुष्टि करने वाला, सत्यापित करने वाला।
  • لِّمَا مَعَكُمْ: जो तुम्हारे पास है (अर्थात् तौरात)।
  • ثَمَنًا قَلِيلًا: थोड़ा मूल्य, अर्थात् सांसारिक लाभ।
  • فَاتَّقُونِ: मुझसे डरो, मेरी अवज्ञा से बचो।

व्याख्या:

हे बनी इस्राईल! उस क़ुरआन पर ईमान लाओ जो मैंने अपने पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर उतारा है। यह क़ुरआन उस तौरात की पुष्टि करता है जो तुम्हारे पास है, क्योंकि इसमें तौहीद (एकेश्वरवाद), नबुव्वत और पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आगमन की ख़बरें वही हैं जो तौरात में मौजूद थीं। सावधान रहो कि तुम अहले-किताब में से सबसे पहले उसका इन्कार करने वाले न बनो, क्योंकि यदि तुम इन्कार करोगे तो तुम्हारे अनुयायी भी तुम्हारा अनुसरण करेंगे, और तुम पर उनके गुनाहों का बोझ भी आएगा। मेरी आयतों (क़ुरआन और मुहम्मद पर ईमान) के बदले दुनिया का थोड़ा-सा माल, रुतबा या नेतृत्व न ख़रीदो, क्योंकि यह सब कुछ नाशवान है। केवल मुझसे डरो, मेरी आज्ञा का पालन करो और मेरी अवज्ञा से बचो।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. क़ुरआन और पिछली किताबों में मूल रूप से कोई विरोध नहीं है; क़ुरआन उनकी सच्चाई की पुष्टि करता है, इसलिए सच्चे अहले-किताब को क़ुरआन पर ईमान लाना चाहिए।
  2. सत्य को स्वीकार करने में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जो पहले इन्कार करता है, उस पर अधिक ज़िम्मेदारी और गुनाह होता है।
  3. दुनिया का मामूली लाभ (धन, पद, प्रतिष्ठा) कभी भी ईमान और अल्लाह की आयतों के बदले नहीं बेचा जाना चाहिए; यह सबसे बड़ा घाटा है।
  4. अल्लाह का डर (तक़वा) ही वह चीज़ है जो इंसान को गुनाहों से रोकती है और उसे सीधे मार्ग पर चलाती है; यही सफलता की कुंजी है।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि अपने धार्मिक विश्वासों को दुनियावी मतलबों के लिए नहीं बेचना चाहिए, और सत्य के सामने झुकना ही बुद्धिमानी है।


📜 आयत 39-43 — सूरा अल-बकरा

39وَالَّذِينَ كَفَرُوا وَكَذَّبُوا بِآيَاتِنَا أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
और न वह रंजीदा होगे और (ये भी याद रखो) जिन लोगों ने कुफ्र इख़तेयार किया और हमारी आयतों को झुठलाया तो वही जहन्नुमी हैं और हमेशा दोज़ख़ में पड़े रहेगे
40يَا بَنِي إِسْرَائِيلَ اذْكُرُوا نِعْمَتِيَ الَّتِي أَنْعَمْتُ عَلَيْكُمْ وَأَوْفُوا بِعَهْدِي أُوفِ بِعَهْدِكُمْ وَإِيَّايَ فَارْهَبُونِ
ऐ बनी इसराईल (याक़ूब की औलाद) मेरे उन एहसानात को याद करो जो तुम पर पहले कर चुके हैं और तुम मेरे एहद व इक़रार (ईमान) को पूरा करो तो मैं तुम्हारे एहद (सवाब) को पूरा करूँगा, और मुझ ही से डरते रहो
41وَآمِنُوا بِمَا أَنزَلْتُ مُصَدِّقًا لِّمَا مَعَكُمْ وَلَا تَكُونُوا أَوَّلَ كَافِرٍ بِهِ ۖ وَلَا تَشْتَرُوا بِآيَاتِي ثَمَنًا قَلِيلًا وَإِيَّايَ فَاتَّقُونِ
और जो (कुरान) मैंने नाज़िल किया वह उस किताब (तौरेत) की (भी) तसदीक़ करता हूँ जो तुम्हारे पास है और तुम सबसे चले उसके इन्कार पर मौजूद न हो जाओ और मेरी आयतों के बदले थोड़ी क़ीमत (दुनयावी फायदा) न लो और मुझ ही से डरते रहो
42وَلَا تَلْبِسُوا الْحَقَّ بِالْبَاطِلِ وَتَكْتُمُوا الْحَقَّ وَأَنتُمْ تَعْلَمُونَ
और हक़ को बातिल के साथ न मिलाओ और हक़ बात को न छिपाओ हालाँकि तुम जानते हो और पाबन्दी से नमाज़ अदा करो
43وَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ وَآتُوا الزَّكَاةَ وَارْكَعُوا مَعَ الرَّاكِعِينَ
और ज़कात दिया करो और जो लोग (हमारे सामने) इबादत के लिए झुकते हैं उनके साथ तुम भी झुका करो
अल-बकराकुरान सूची
286आयत
मदनीअवतरण स्थान
41आयत

अनुवाद — अल-बकरा 41

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सूरा आयत 41/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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