Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اعْتَدَوْا: हद से बढ़ गए, उल्लंघन किया।
- السَّبْت: शनिवार का दिन, जो यहूदियों के लिए आराम और इबादत का दिन था, और उस दिन मछली पकड़ना उन पर हराम किया गया था।
- قِرَدَةً: बंदर।
- خَاسِئِينَ: अपमानित, दूर किए हुए, फटकारे हुए।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ बनी इसराइल की संतान! तुम उन लोगों के हाल को अच्छी तरह जानते हो, जिन्होंने तुममें से सब्त (शनिवार) के दिन की पवित्रता का उल्लंघन किया था। उन पर यह आदेश था कि वे उस दिन मछली का शिकार न करें, लेकिन उन्होंने चालाकी से इस हुक्म को तोड़ा—उन्होंने शनिवार से पहले जाल बिछा दिए और शनिवार के बाद उन्हें निकाला, ताकि वे अपनी हरकत को जायज़ ठहरा सकें। यह उनकी सरासर हद से बढ़ना था, क्योंकि वे अल्लाह की स्पष्ट आज्ञा को धोखे से टाल रहे थे।
जब उन्होंने यह ज़ुल्म और हठधर्मी की, तो अल्लाह ने उन्हें अपनी क़ुदरत से बंदरों में बदल दिया—अपमानित और रहमत से दूर किए हुए। यह उनकी शक्ल ही नहीं, बल्कि उनके कर्मों का प्रतिफल था, क्योंकि उन्होंने अल्लाह के दीन के साथ मज़ाक किया और उसकी हदों को तोड़ा।
दावत और सीख:
यह क़िस्सा सिर्फ़ इतिहास का एक वाक़या नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक ज़ोरदार नसीहत है जो अल्लाह के हुक्मों को हल्का समझता है या उनमें हील-हरकतें तलाशता है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और वह उन लोगों को कभी नहीं छोड़ता जो उसकी नाफ़रमानी में हद से बढ़ जाते हैं। लेकिन साथ ही, यह भी याद रखो कि अल्लाह तौबा करने वालों को बहुत प्यार करता है—जो कोई अपनी गलती से बाज़ आए और सच्चे दिल से रुजू करे, अल्लाह उसकी तौबा क़बूल करता है और उसे माफ़ कर देता है।
इसलिए, ऐ मुसलमान! अल्लाह के हुक्मों को पूरे दिल से क़बूल करो, उनमें कोई कमी या धोखा न करो। दीन में नर्मी और सच्चाई अपनाओ, क्योंकि अल्लाह उन्हीं को कामयाब बनाता है जो उसकी राह पर सीधे चलते हैं। यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम बहुत बुरा होता है, और उसकी इताअत (आज्ञा पालन) ही सच्ची इज़्ज़त और कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 63-67 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 65
सूरा अल-बकरा आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपनी क़ौम से उन लोगों की हालत तो तुम…सूरा आयत 65/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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