Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَعْرَضَ عَنْهُ: उससे मुँह मोड़ा, उसे छोड़ दिया, उस पर ध्यान नहीं दिया।
- وِزْرًا: भारी बोझ, बड़ा गुनाह, भारी पाप।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जो क़ुरआन से मुँह मोड़ लेते हैं। यानी जो इस किताब को नहीं मानते, इस पर ईमान नहीं लाते, और इसके हुक्मों पर अमल नहीं करते। ऐसे लोगों के लिए बड़ी भयानक खबर है।
जो शख्स क़ुरआन से किनारा कर लेता है, उसकी ज़िंदगी में इस किताब की रोशनी नहीं होती। वह अंधेरों में भटकता रहता है। लेकिन असली अफ़सोस तो क़यामत के दिन होगा, जब वह अपने गुनाहों का भारी बोझ उठाकर अपने रब के सामने हाज़िर होगा। यह बोझ इतना भारी होगा कि उसे ढोना उसके लिए बहुत मुश्किल होगा।
सोचिए! जो इंसान दुनिया में किसी भारी चीज़ को उठाकर थक जाता है, वह उसे नीचे रख सकता है। लेकिन क़यामत के दिन गुनाहों का बोझ ऐसा नहीं होगा कि उतारा जा सके। यह बोझ उसके साथ ही रहेगा और उसे लेकर वह हमेशा के लिए अज़ाब में डाल दिया जाएगा।
यह आयत हमें बड़ी सीख देती है। अल्लाह ने क़ुरआन को हमारी हिदायत के लिए उतारा है। यह कोई आम किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी का पूरा नक्शा है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। और जो इसे छोड़ देता है, वह खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें क़ुरआन से अपना रिश्ता मज़बूत करना चाहिए। इसे पढ़ना चाहिए, समझना चाहिए और इस पर अमल करना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा। क़ुरआन को छोड़ने वालों का अंजाम बहुत बुरा है, लेकिन जो इसे अपनाएगा, उसके लिए हर मुश्किल आसान हो जाएगी और क़यामत के दिन वह हल्का और खुशहाल होगा। अल्लाह हम सबको क़ुरआन पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 98-102 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 100
सूरा ताहा आयत 100 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसने उससे मुँह फेरा वह क़यामत के दिन यक़ीनन (अपने…सूरा आयत 100/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 98–102. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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