अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مُتَرَبِّصٌ – प्रतीक्षा करने वाला, इंतज़ार करने वाला
- فَتَرَبَّصُوا – तो तुम भी प्रतीक्षा करो
- الصِّرَاطِ السَّوِيِّ – सीधा और सही मार्ग
- اهْتَدَى – हिदायत पाया, सत्य मार्ग पर चला
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि हम सब (तुम और हम) एक-दूसरे के अंजाम का इंतज़ार कर रहे हैं। हम तुम्हारे लिए अल्लाह के अज़ाब का इंतज़ार करते हैं, और तुम हमारे लिए मुसीबतों और दुर्भाग्य की प्रतीक्षा करते हो। तो ठीक है, तुम भी अपनी जगह इंतज़ार करो, हम भी अपनी जगह इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन याद रखो, यह इंतज़ार ज़्यादा लंबा नहीं है। वह दिन ज़रूर आएगा जब अल्लाह का फ़ैसला सामने आएगा, और तुम्हें खुद पता चल जाएगा कि सीधे और सही रास्ते पर कौन चल रहा था और हिदायत किसे मिली थी।
यह आयत मुशरिकों को एक चुनौती है, लेकिन साथ ही मोमिनीन के लिए तसल्ली और खुशखबरी भी है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि सच्चाई छिपी नहीं रहेगी। जिस दिन सच सामने आएगा, उस दिन हर कोई देख लेगा कि असली कामयाबी किसकी है। जो लोग आज सच्चाई का मज़ाक उड़ाते हैं, वे उस दिन शर्मिंदा होंगे। और जो लोग आज सच्चाई पर डटे हैं, चाहे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़े, वही असली फ़तह पाने वाले होंगे।
इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ा सबक है। हमें अपने ईमान पर भरोसा रखना चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह का वादा सच्चा है। चाहे दुनिया में कुछ भी हो, अंतिम फ़ैसला अल्लाह के पास है। वही रास्ता सीधा है जो अल्लाह और उसके रसूल ने बताया है। जो लोग इस रास्ते पर चलते हैं, वही हिदायत पाने वाले हैं। और जो लोग इस रास्ते से भटकते हैं, वे खुद अपना नुक़सान करते हैं। यह आयत हमें सब्र और इस्तिक़ामत का पाठ सिखाती है कि हम अपने ईमान पर क़ायम रहें और अल्लाह के फ़ैसले का इंतज़ार करें, क्योंकि अल्लाह का फ़ैसला हमेशा बेहतर होता है।
📜 आयत 133-135 — ताहा
अनुवाद — ताहा 135
सूरा ताहा आयत 135 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : रसूल तुम कह दो कि हर शख्स (अपने अन्जामकार का)…सूरा आयत 135/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 133–135. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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