अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتِنَا: हमारी निशानियाँ और प्रमाण (चमत्कार)।
- فَكَذَّبَ: तो उसने झुठलाया।
- وَأَبَىٰ: और उसने इनकार किया, (सत्य को स्वीकार करने से) मना कर दिया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन को अपनी सारी निशानियाँ दिखाईं — वे नौ चमत्कार जो मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथों पर प्रकट हुए, जैसे लाठी का अजगर बनना, हाथ का चमकना, सूखा, अकाल, फसलों का नष्ट होना, टिड्डियाँ, जूँ, मेंढक और खून। ये सभी अल्लाह की क़ुदरत और एकता के स्पष्ट प्रमाण थे, जो फ़िरऔन की आँखों के सामने आए। लेकिन इन सबको देखने के बाद भी उसने इन्हें झुठलाया और हठधर्मी पर अड़ा रहा। उसने न केवल इन निशानियों को नकारा, बल्कि अल्लाह के दीन (इस्लाम) को क़बूल करने से भी इनकार कर दिया। उसका दिल सत्य के लिए बंद था, और उसका अहंकार उसे रास्ते पर आने से रोक रहा था।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की निशानियाँ हर जगह मौजूद हैं — आसमान, ज़मीन, हमारे अपने शरीर और हर पल के हालात में। लेकिन जिस दिल में घमंड और हठ हो, वह सबसे बड़े चमत्कारों को देखकर भी अंधा रहता है। फ़िरऔन का अंजाम हमारे लिए एक सबक़ है कि सत्य को स्वीकार करने में देरी न करें। जब सत्य आपके सामने आए, तो उसे खुले दिल से क़बूल करें, क्योंकि अल्लाह की रहमत उन्हीं के लिए है जो हक़ के आगे झुक जाते हैं। याद रखें, अल्लाह की निशानियाँ सिर्फ़ देखने के लिए नहीं, बल्कि उनसे सीखने और अपनी ज़िंदगी बदलने के लिए आती हैं। जो व्यक्ति इन निशानियों से सबक़ लेता है, वही सच्चा कामयाब है।
📜 आयत 54-58 — ताहा
अनुवाद — ताहा 56
सूरा ताहा आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैंने फिरऔन को अपनी सारी निशानियाँ दिखा दीसूरा आयत 56/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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