अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَتَنَازَعُوا: आपस में झगड़ा किया, विवाद किया।
- أَمْرَهُم: अपने मामले में।
- وَأَسَرُّوا النَّجْوَى: और उन्होंने चुपके-चुपके (धीमी आवाज़ में) आपस में सलाह-मशविरा किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब जादूगरों ने मूसा (अलैहिस्सलाम) की बात सुनी और उनके चमत्कार को देखा, तो वे आपस में झगड़ने और विवाद करने लगे। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि यह आख़िर क्या है? क्या यह सचमुच जादू है या कोई और चीज़? उन्होंने आपस में कहा: "अगर यह जादूगर है, तो हम इसे हरा देंगे, क्योंकि हम जादू में माहिर हैं। लेकिन अगर यह कोई और चीज़ है (यानी अल्लाह की तरफ़ से कोई मो'जिज़ा है), तो हमारे पास इसका कोई जवाब नहीं है।"
फिर उन्होंने फ़िरऔन से छिपाकर आपस में धीमी आवाज़ में सलाह-मशविरा किया, ताकि फ़िरऔन को उनकी घबराहट और संदेह का पता न चले। वे आपस में कहने लगे: "अगर हम मूसा से हार गए, तो फ़िरऔन हमें मार डालेगा, और अगर हम जीत गए, तो हमें बड़ा इनाम और ऊँचा दर्जा मिलेगा।" इसलिए उन्होंने आपस में यह तय किया कि हमें अपनी तरकीबें मज़बूत करनी होंगी और एकजुट होकर सामना करना होगा, ताकि हम मूसा पर भारी पड़ सकें।
यह दृश्य बताता है कि सच्चाई के सामने बातिल (झूठ) की ताकतें कितनी घबरा जाती हैं। जब सच्चाई ज़ाहिर होती है, तो झूठ के पुजारी आपस में ही टकराने लगते हैं। यह हमारे लिए एक सबक़ है कि सच्चाई पर भरोसा रखें, चाहे बातिल की ताकतें कितनी भी बड़ी क्यों न हों। अल्लाह सच्चाई का साथ देता है और उसे कामयाब करता है, जैसा कि उसने मूसा (अलैहिस्सलाम) को जादूगरों पर फ़तह दी।
यह भी सिखाता है कि जब हम किसी सच्चे काम पर हों, तो हमें डरना नहीं चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है। और जो लोग झूठ और बातिल पर होते हैं, वे आख़िरकार नाकाम होते हैं, चाहे वे कितनी भी तरकीबें क्यों न बनाएँ।
📜 आयत 60-64 — ताहा
अनुवाद — ताहा 62
सूरा ताहा आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (याद रखो कि) जिसने इफ्तेरा परदाज़ियाँ न की वह…सूरा आयत 62/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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