Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَتَنَّا: हमने परीक्षण में डाला, आज़माया।
- قَوْمَكَ: तुम्हारी क़ौम (बनी इस्राईल)।
- مِن بَعْدِكَ: तुम्हारे जाने के बाद।
- أَضَلَّهُمُ: उन्हें गुमराह किया, पथभ्रष्ट किया।
- السَّامِرِيُّ: सामिरी (बनी इस्राईल का एक धोखेबाज़ व्यक्ति, जिसने बछड़े की मूर्ति बनाई थी)।
विस्तृत तफ़सीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) तूर पहाड़ पर अल्लाह से कलाम (बातचीत) के लिए गए और अपनी क़ौम के पीछे अपने भाई हारून (अलैहिस्सलाम) को ज़िम्मेदार छोड़ गए, तो अल्लाह तआला ने उन्हें सूचित किया कि तुम्हारे जाने के बाद हमने तुम्हारी क़ौम को एक बड़ी परीक्षा में डाला। यह परीक्षा उनके लिए बहुत सख्त थी — उन्होंने सामिरी के बहकावे में आकर एक बछड़े की मूर्ति की पूजा शुरू कर दी, जो सोने से बनाई गई थी और जिससे आवाज़ निकलती थी।
यहाँ अल्लाह तआला ने यह स्पष्ट किया कि यह परीक्षा उनके लिए अल्लाह की ओर से थी, ताकि सच्चे और झूठे लोग सामने आ जाएँ। और इस गुमराही का मुख्य कारण सामिरी था, जो एक मुनाफ़िक़ (दिखावटी मुसलमान) था। उसने बनी इस्राईल के एक गिरोह (सामिरा) से ताल्लुक़ रखते हुए इस्लाम का दिखावा किया, लेकिन उसके दिल में कुफ़्र और धोखा था। उसने हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के घोड़े के खुरों की मिट्टी लेकर उसे बछड़े की मूर्ति में डाल दिया, जिससे वह आवाज़ करने लगी, और इस तरह उसने सादा-दिल लोगों को धोखा देकर उन्हें बछड़े की पूजा पर मजबूर कर दिया।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ा सबक है कि इंसान कितनी जल्दी सच्चे ईमान से भटक सकता है अगर वह अल्लाह के ज़िक्र और नबी की शिक्षाओं से दूर हो जाए। बनी इस्राईल ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के जाते ही, जो उनके लिए अल्लाह का नबी और रहनुमा था, अपनी कमज़ोर ईमानी हालत की वजह से एक धोखेबाज़ के पीछे चल पड़े। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा अल्लाह की किताब और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को थामे रहना चाहिए, क्योंकि जब इंसान सच्चे रास्ते से दूर होता है, तो शैतान और उसके साथी उसे आसानी से गुमराह कर लेते हैं।
अल्लाह तआला ने यहाँ मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह बताकर उन्हें तसल्ली दी कि यह सब कुछ हमारी योजना के तहत हुआ, और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। यह हमारे लिए भी एक प्यारा पैग़ाम है कि अल्लाह हर हाल में अपने नेक बंदों के साथ है, और वह कभी उन्हें अकेला नहीं छोड़ता। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह के ज़िक्र से जुड़े रहें, और हर उस चीज़ से बचें जो हमें अल्लाह की याद से दूर करे — चाहे वह दुनिया की चमक-दमक हो या किसी धोखेबाज़ की बातें। क्योंकि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की राह पर चलने में है, और वही हमें जन्नत की राह दिखाता है।
📜 आयत 83-87 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 85
सूरा ताहा आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फ़रमाया तो हमने तुम्हारे (आने के बाद) तुम्हारी क़ौम का…सूरा आयत 85/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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