अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- बल – बल्कि, नहीं बल्कि
- फ़अलहु – उसने किया
- कबीरुहुम – उनका बड़ा (सरदार)
- फ़स'अलूहुम – तो उनसे पूछो
- इन कानू यन्तिक़ून – अगर वे बोल सकते हैं
तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने जब अपनी क़ौम के बुतों को तोड़ दिया और उन्होंने पूछा कि यह किसने किया, तो आपने उन्हें उनकी औक़ात दिखाने के लिए और उनके दिमाग़ों पर पड़ा पर्दा हटाने के लिए फ़रमाया: "नहीं, यह काम उनके बड़े बुत ने किया है।" यह बात आपने उनकी सोच को चुनौती देने के लिए कही, ताकि वे ख़ुद ही अपने बुतों की बेबसी और बेजान होने का इक़रार कर लें।
आपने उनसे कहा: "तुम अपने इन बुतों से ही पूछ लो, अगर वे बोल सकते हैं।" यानी अगर वे सच में पूजा के लायक़ हैं, तो वे अपनी बेगुनाही साबित करें या असली करने वाले का नाम बताएँ। लेकिन आप जानते थे कि ये बुत न तो बोल सकते हैं, न कुछ कर सकते हैं। इस तरह आपने उन्हें उनके सामने ही उनके बुतों की बेजानी और बेबसी का सबूत पेश कर दिया।
यह एक बेहतरीन दलील थी, जिसने उनकी बुत-परस्ती की बुनियाद हिला दी। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी इस हिकमत से यह साबित कर दिया कि जो चीज़ ख़ुद अपनी मदद नहीं कर सकती, वह दूसरों की मदद कैसे कर सकती है? जो बुत बोल नहीं सकते, सुन नहीं सकते, देख नहीं सकते, वे इंसानों की इबादत के लायक़ कैसे हो सकते हैं?
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की इबादत ही सच्ची इबादत है, क्योंकि वही सुनता है, देखता है और हर चीज़ पर क़ादिर है। बुतों और मूर्तियों की पूजा सिर्फ़ भ्रम और ग़लतफ़हमी है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ अल्लाह पर भरोसा करें, उसी से मदद माँगें और उसी की इबादत करें। यही वह रास्ता है जो हमें कामयाबी और सच्ची ख़ुशी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 61-65 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 63
सूरा अल-अंबिया आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इबराहीम ने कहा बल्कि ये हरकत इन बुतों (खुदाओं) के…सूरा आयत 63/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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