Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आलिहतिना: हमारे पूज्यों (देवताओं) के साथ — यहाँ आशय उनके बुतों (मूर्तियों) से है।
- फ़अल्त: तूने किया — अर्थात यह काम तूने अंजाम दिया।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम के बुतों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और कुल्हाड़ी बड़े बुत के गले में डाल दी, तो क़ौम के लोगों ने जब यह मंज़र देखा तो वे हैरान और ग़ुस्से से भर गए। उन्होंने हज़रत इब्राहीम को पकड़कर लाया और उनसे पूछा: "क्या तूने ही हमारे इन पूज्यों (बुतों) के साथ यह हरकत की है, ऐ इब्राहीम?"
यह सवाल उन्होंने इंकार और अंदाज़े से पूछा, क्योंकि वे जानते थे कि इब्राहीम अलैहिस्सलाम ही हैं जो इन बुतों की पूजा के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं और उन्हें बेवजह और बेकार बताते रहे हैं। उन्होंने यह सवाल इसलिए किया ताकि वे उन्हें जवाबदेह ठहरा सकें और उनके ख़िलाफ़ सबूत जुटा सकें।
इस आयत में हमें हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की दिलेरी और सच्चाई पर क़ायम रहने का सबक मिलता है। वे अकेले थे, लेकिन सच्चाई पर डटे रहे। उन्होंने झूठ और बुतपरस्ती के खिलाफ़ आवाज़ उठाई, चाहे उन्हें अकेले ही क्यों न पड़ना पड़े। यह हमें सिखाता है कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को अकेलेपन का डर नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह उनके साथ होता है।
यह भी याद रखने की बात है कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने बुतों को तोड़कर यह साबित कर दिया कि ये बुत न तो अपनी रक्षा कर सकते हैं और न ही किसी को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह एक ज़बरदस्त दलील थी उन लोगों के लिए जो निर्जीव चीज़ों की पूजा करते थे। अल्लाह तआला हमें भी सच्चाई पर क़ायम रहने और बातिल के खिलाफ़ आवाज़ उठाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 60-64 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 62
सूरा अल-अंबिया आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ग़रज़ इबराहीम आए) और लोगों ने उनसे पूछा कि क्यों…सूरा आयत 62/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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