अल-अंबिया · 70/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
وَأَرَادُوا بِهِ كَيْدًا فَجَعَلْنَاهُمُ الْأَخْسَرِينَ ۝٧٠
Wa araadoo bihee kaidan faja`alnaahumul akhsareen
📖 हिंदी अर्थ
(कि उनको कोई तकलीफ़ न पहुँचे) और उन लोगों में इबराहीम के साथ चालबाज़ी करनी चाही थी तो हमने इन सब को नाकाम कर दिया

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • कैदन (كَيْدًا): चालाकी, धोखा, या कोई गुप्त योजना बनाना। यहाँ इसका अर्थ है आग में जलाने की साजिश।
  • अल-अख्सरीन (الْأَخْسَرِينَ): सबसे अधिक घाटे में रहने वाले, पूरी तरह असफल और नुकसान उठाने वाले।

तफसीर (व्याख्या):

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने जब देखा कि वे उन्हें तर्क से हरा नहीं सकतीं और उनकी दलीलों के आगे बेबस हो चुकी हैं, तो उन्होंने ज़ोर और ताकत का रास्ता अपनाया। उन्होंने आपके खिलाफ एक भयानक साजिश रची — उन्होंने एक विशाल आग जलाई और आपको उसमें फेंकने का फैसला किया। उनका इरादा था कि वे आपको पूरी तरह खत्म कर दें और आपकी दावत को हमेशा के लिए दबा दें।

लेकिन अल्लाह तआला ने उनकी इस साजिश को नाकाम कर दिया। अल्लाह ने आग को ठंडा और सलामती बना दिया, और उन काफिरों को खुद घाटे में डाल दिया। वे जितना नुकसान इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को पहुंचाना चाहते थे, वह नुकसान उन्हीं पर उलट गया। वे दुनिया में रुसवा हुए और आखिरत में भी उनका अंजाम बुरा हुआ। इसके विपरीत, अल्लाह ने अपने नबी को सलामती दी और उन्हें दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी अता की।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक देती है कि अल्लाह की ताकत किसी भी इंसानी साजिश से कहीं बढ़कर है। चाहे दुश्मन कितनी भी बड़ी योजना बना लें, अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफाजत करता है और उनकी मदद के लिए ऐसे रास्ते निकालता है जिनका अंदाजा किसी को नहीं होता। जो लोग अल्लाह के दीन के खिलाफ साजिश करते हैं, वे आखिरकार सबसे ज्यादा नुकसान उठाते हैं, और अल्लाह के सच्चे बंदे ही असली कामयाब होते हैं।

यह हमारे लिए भी एक प्यारा पैगाम है कि हम जब भी किसी मुश्किल में हों या कोई हमारे खिलाफ साजिश करे, तो हमें अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह हर मुसीबत से निकलने का रास्ता बनाता है और सच्चाई पर कायम रहने वालों को दुनिया और आखिरत दोनों में इज्जत देता है।



📜 आयत 68-72 — अल-अंबिया

68قَالُوا حَرِّقُوهُ وَانصُرُوا آلِهَتَكُمْ إِن كُنتُمْ فَاعِلِينَ
(आख़िर) वह लोग (बाहम) कहने लगे कि अगर तुम कुछ कर सकते हो तो इबराहीम को आग में जला दो और अपने खुदाओं की मदद करो
69قُلْنَا يَا نَارُ كُونِي بَرْدًا وَسَلَامًا عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ
(ग़रज़) उन लोगों ने इबराहीम को आग में डाल दिया तो हमने फ़रमाया ऐ आग तू इबराहीम पर बिल्कुल ठन्डी और सलामती का बाइस हो जा
70وَأَرَادُوا بِهِ كَيْدًا فَجَعَلْنَاهُمُ الْأَخْسَرِينَ
(कि उनको कोई तकलीफ़ न पहुँचे) और उन लोगों में इबराहीम के साथ चालबाज़ी करनी चाही थी तो हमने इन सब को नाकाम कर दिया
71وَنَجَّيْنَاهُ وَلُوطًا إِلَى الْأَرْضِ الَّتِي بَارَكْنَا فِيهَا لِلْعَالَمِينَ
और हम ने ही इबराहीम और लूत को (सरकशों से) सही व सालिम निकालकर इस सर ज़मीन (शाम बैतुलमुक़द्दस) में जा पहुँचाया जिसमें हमने सारे जहाँन के लिए तरह-तरह की बरकत अता की थी
72وَوَهَبْنَا لَهُ إِسْحَاقَ وَيَعْقُوبَ نَافِلَةً ۖ وَكُلًّا جَعَلْنَا صَالِحِينَ
और हमने इबराहीम को इनाम में इसहाक़ (जैसा बैटा) और याकूब (जैसा पोता) इनायत फरमाया हमने सबको नेक बख्त बनाया
अल-अंबियाकुरान सूची
112आयत
मक्कीRevelation
70आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 70

सूरा अल-अंबिया आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (कि उनको कोई तकलीफ़ न पहुँचे) और उन लोगों में…

सूरा आयत 70/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए