अल-अंबिया · 69/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
قُلْنَا يَا نَارُ كُونِي بَرْدًا وَسَلَامًا عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ ۝٦٩
Qulnaa yaa naaru koonee bardanw wa salaaman `alaaa Ibraaheem
📖 हिंदी अर्थ
(ग़रज़) उन लोगों ने इबराहीम को आग में डाल दिया तो हमने फ़रमाया ऐ आग तू इबराहीम पर बिल्कुल ठन्डी और सलामती का बाइस हो जा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • कूनी बर्दन: ठंडी हो जा।
  • व सलामन: और सलामती वाली (यानी जलाने वाली नहीं)।
  • अला इब्राहीम: इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के लिए।

तफसीर:

जब हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उनकी दलीलों से हार मान ली और उनके पास कोई जवाब न बचा, तो उन्होंने अपनी ताक़त और सत्ता का इस्तेमाल करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "इन्हें जला दो और अपने देवताओं की मदद करो, अगर तुम कुछ कर सकते हो।" फिर उन्होंने एक बहुत बड़ी आग जलाई और हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को उसमें डाल दिया। लेकिन अल्लाह तआला ने अपने नबी की मदद की और आग से फ़रमाया: "ऐ आग! तू इब्राहीम के लिए ठंडी और सलामती वाली हो जा।" यानी आग की गर्मी और जलाने की ताक़त खत्म कर दी गई, और वह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के लिए ठंडी और आरामदेह हो गई। उन्हें आग में कोई नुकसान नहीं पहुंचा, न जलने का अज़ाब हुआ और न कोई तकलीफ।

यह अल्लाह की क़ुदरत का एक ज़बरदस्त नमूना है कि वह आग जो हर चीज़ को जला देती है, अपने नबी के लिए ठंडी और सलामती वाली बना दी। यह दिखाता है कि अल्लाह जब चाहता है, क़ुदरत के नियमों को अपने हुक्म से बदल देता है। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का यह मुक़ाम उनके ईमान और अल्लाह पर भरोसे की बदौलत हासिल हुआ। यह हमारे लिए सबक है कि जब हम अल्लाह पर पूरा भरोसा करें, तो वह हमें हर मुश्किल से निकाल सकता है, चाहे वह मुश्किल आग जैसी ही क्यों न हो। यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की मदद उसके सच्चे बंदों के साथ हमेशा होती है, और वह उन्हें दुनिया की किसी भी ताक़त से हरा सकता है।



📜 आयत 67-71 — अल-अंबिया

67أُفٍّ لَّكُمْ وَلِمَا تَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ ۖ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
तफ है तुम पर उस चीज़ पर जिसे तुम खुदा के सिवा पूजते हो तो क्या तुम इतना भी नहीं समझते
68قَالُوا حَرِّقُوهُ وَانصُرُوا آلِهَتَكُمْ إِن كُنتُمْ فَاعِلِينَ
(आख़िर) वह लोग (बाहम) कहने लगे कि अगर तुम कुछ कर सकते हो तो इबराहीम को आग में जला दो और अपने खुदाओं की मदद करो
69قُلْنَا يَا نَارُ كُونِي بَرْدًا وَسَلَامًا عَلَىٰ إِبْرَاهِيمَ
(ग़रज़) उन लोगों ने इबराहीम को आग में डाल दिया तो हमने फ़रमाया ऐ आग तू इबराहीम पर बिल्कुल ठन्डी और सलामती का बाइस हो जा
70وَأَرَادُوا بِهِ كَيْدًا فَجَعَلْنَاهُمُ الْأَخْسَرِينَ
(कि उनको कोई तकलीफ़ न पहुँचे) और उन लोगों में इबराहीम के साथ चालबाज़ी करनी चाही थी तो हमने इन सब को नाकाम कर दिया
71وَنَجَّيْنَاهُ وَلُوطًا إِلَى الْأَرْضِ الَّتِي بَارَكْنَا فِيهَا لِلْعَالَمِينَ
और हम ने ही इबराहीम और लूत को (सरकशों से) सही व सालिम निकालकर इस सर ज़मीन (शाम बैतुलमुक़द्दस) में जा पहुँचाया जिसमें हमने सारे जहाँन के लिए तरह-तरह की बरकत अता की थी
अल-अंबियाकुरान सूची
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मक्कीRevelation
69आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 69

सूरा अल-अंबिया आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ग़रज़) उन लोगों ने इबराहीम को आग में डाल दिया…

सूरा आयत 69/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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