Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नज्जैना: हमने नजात दी, बचा लिया।
- लूत: हज़रत लूत अलैहिस्सलाम, जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के भतीजे और ईमानवाले थे।
- अर्ज़: धरती, भूमि।
- बारकना: हमने बरकत दी, भलाई और ख़ैर रखी।
- लिलआलमीन: सारे जहान के लोगों के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की उस महान नेमत का ज़िक्र कर रहा है, जब उन्होंने अपनी क़ौम के ज़ुल्म और सितम से तंग आकर अल्लाह की राह में हिजरत की। अल्लाह ने उन दोनों को उस कठिन परिस्थिति से नजात दी और उन्हें "अर्ज़े मुबारका" यानी शाम (सीरिया, फ़िलिस्तीन, लेबनान और जॉर्डन) की धरती की तरफ़ भेजा।
यह वह ज़मीन है जिसे अल्लाह ने दुनिया के सारे लोगों के लिए बरकतों से भर दिया। यहाँ की मिट्टी में खेती की असाधारण उर्वरता रखी, यहाँ नदियाँ, झरने, हरे-भरे बाग़ और तरह-तरह के फल-फूल पैदा किए। लेकिन सबसे बड़ी बरकत यह है कि इसी धरती को अल्लाह ने अपने नबियों की धरती बनाया — यहाँ बहुत से पैग़म्बर पैदा हुए और यहीं दीन की रोशनी फैली। यह वही मुबारक ज़मीन है जिसका ज़िक्र कुरआन में कई जगह हुआ है, और यहीं से इस्लामी तहज़ीब और ईमान की बरकतें पूरी दुनिया में फैलीं।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जब बंदा अल्लाह की राह में अपना घर-बार छोड़ता है और सिर्फ़ अल्लाह पर भरोसा करके निकल पड़ता है, तो अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम के सामने अकेले सच्चाई का एलान किया, और जब हालात सख़्त हुए तो अल्लाह ने उन्हें न सिर्फ़ नजात दी, बल्कि उन्हें एक ऐसी धरती दी जो दुनिया के लिए रहमत बन गई। यह अल्लाह का वादा है कि जो लोग उसकी राह में कष्ट सहते हैं, अल्लाह उन्हें बेहतर बदला देता है। आज भी अगर हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह पर भरोसा करें, सच्चाई और नेकी पर क़ायम रहें, तो अल्लाह हमें भी ऐसे ही रास्ते दिखाएगा जो हमारे लिए बरकत और कामयाबी का सबब बनें। यह आयत हमें सिखाती है कि मुश्किलों के बाद आसानी आती है, और अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के साथ होती है।
📜 आयत 69-73 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 71
सूरा अल-अंबिया आयत 71 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ने ही इबराहीम और लूत को (सरकशों से)…सूरा आयत 71/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 69–73. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


