अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हुक्मन: नबुव्वत, न्याय-निर्णय की क्षमता और समझ-बूझ।
- इल्मन: दीन की समझ और ईश्वरीय ज्ञान।
- अल-ख़बाइस: वे घृणित कर्म, जैसे व्यभिचार (समलैंगिकता), रास्ता काटना, और अन्य पाप।
- क़ौम सौ': बुरे और दुष्ट लोग।
- फ़ासिक़ीन: आज्ञा का उल्लंघन करने वाले, अल्लाह की अवज्ञा में डूबे हुए।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्हें नबुव्वत, न्याय-निर्णय की शक्ति, और दीन की गहरी समझ प्रदान की। यह अल्लाह की विशेष रहमत थी कि उन्होंने लूत को हिक्मत और इल्म से नवाज़ा, ताकि वे अपनी क़ौम को सीधा रास्ता दिखा सकें।
फिर अल्लाह ने उन्हें उस बस्ती (सदूम) से नजात दी, जिसके निवासी घिनौने कर्मों में लिप्त थे। वे लोग ऐसे कुकर्म करते थे जो फ़ितरत के खिलाफ़ थे—पुरुषों से व्यभिचार, राहगीरों को तंग करना, और अन्य बुराइयाँ। यह क़ौम अपनी शरारत और अल्लाह की अवज्ञा में इतनी आगे बढ़ गई थी कि उन्हें "क़ौम सौ'" (बुरी क़ौम) कहा गया। वे फ़ासिक़ थे, यानी अल्लाह की हदों को तोड़ने वाले और पाप में डूबे हुए।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को हमेशा बुराई से बचाता है और उन्हें हिक्मत व इल्म देकर ऊँचा उठाता है। जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी में मशगूल रहते हैं, वे अपने लिए बर्बादी का सामान करते हैं, लेकिन अल्लाह के वली (प्यारे बंदे) हर मुसीबत से निकलकर कामयाब होते हैं। यह हमारे लिए प्रेरणा है कि हम नेकी और पाकीज़गी को अपनाएँ, बुराई से दूर रहें, और अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखें। अल्लाह हमें भी हिक्मत और इल्म दे, और हमें हर बुराई से बचाए। आमीन।
📜 आयत 72-76 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 74
सूरा अल-अंबिया आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लूत को भी हम ही के फ़हमे सलीम और…सूरा आयत 74/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








