Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَاسْتَجَبْنَا – हमने उसकी पुकार सुन ली और स्वीकार कर लिया।
- الْغَمِّ – दुःख, चिंता और संकट, जो यूनुस (अलैहिस्सलाम) पर उस समय छाया हुआ था जब वे मछली के पेट में थे।
- نُنجِي – हम निजात देते हैं, बचाते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
जब यूनुस (अलैहिस्सलाम) ने अंधेरों के बीच से अपने रब को पुकारा, तो अल्लाह तआला ने उनकी दुआ कबूल की और उन्हें उस भारी संकट से निकाल लिया। यह संकट केवल मछली के पेट का अंधेरा नहीं था, बल्कि रात का अंधेरा, समुद्र की गहराई का अंधेरा और मछली के पेट का अंधेरा — तीनों मिलकर एक ऐसी घड़ी थी जिसमें इंसान की कोई मदद नहीं पहुँच सकती थी। लेकिन अल्लाह की रहमत उन पर ऐसी छाई कि उनकी एक पुकार ने सारे अंधेरों को चीर दिया।
यहाँ अल्लाह तआला एक बहुत बड़ी खुशखबरी दे रहे हैं: "और इसी तरह हम मोमिनों को निजात देते हैं।" यानी यह सिर्फ यूनुस (अलैहिस्सलाम) के साथ हुआ एक किस्सा नहीं है, बल्कि यह अल्लाह का एक स्थायी क़ानून (सुन्नत) है। जो भी बंदा सच्चे दिल से अल्लाह की ओर रुजू करे, उसकी पुकार सुनी जाती है और उसे संकट से निकाला जाता है। चाहे संकट कितना ही बड़ा क्यों न हो, अल्लाह की कुदरत उससे बड़ी है।
यह आयत हर उस मुसलमान के लिए उम्मीद की किरण है जो किसी मुसीबत में घिरा हो। अल्लाह तआला फरमाते हैं कि जब बंदा मुसीबत में पड़कर अल्लाह से दुआ करता है, तो अल्लाह उसकी दुआ सुनता है और उसे राहत देता है। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि मुसीबत चाहे जितनी बड़ी हो, अल्लाह की रहमत उससे कहीं बड़ी है। यूनुस (अलैहिस्सलाम) जैसे नबी को जब अल्लाह ने मछली के पेट से निकाला, तो हमारे लिए यह कितनी बड़ी उम्मीद है कि अल्लाह हमारी छोटी-बड़ी हर मुसीबत से हमें निकाल सकता है। बस शर्त यह है कि हम सच्चे दिल से अल्लाह की ओर लौटें, उसी से मदद माँगें, और उस पर पूरा भरोसा रखें। अल्लाह उन्हीं को निजात देता है जो ईमान रखते हैं और उसकी बताई हुई राह पर चलते हैं। यह हमारे लिए एक दावत है कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, क्योंकि ईमान ही वह चाबी है जो संकटों के ताले खोलती है।
📜 आयत 86-90 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 88
सूरा अल-अंबिया आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हमने उनकी दुआ कुबूल की और उन्हें रंज से…सूरा आयत 88/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 86–90. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 4, 2026
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