अल-अंबिया · 89/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
وَزَكَرِيَّا إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُ رَبِّ لَا تَذَرْنِي فَرْدًا وَأَنتَ خَيْرُ الْوَارِثِينَ ۝٨٩
Wa Zakariyyaaa iz naadaa Rabbahoo Rabbi laa tazarnee fardanw wa Anta khairul waariseen
📖 हिंदी अर्थ
और ज़करिया (को याद करो) जब उन्होंने (मायूस की हालत में) अपने परवरदिगार से दुआ की ऐ मेरे पालने वाले मुझे तन्हा (बे औलाद) न छोड़ और तू तो सब वारिसों से बेहतर है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नादा: पुकारा, दुआ की।
  • ला तज़रनी: मुझे न छोड़ना।
  • फ़र्दन: अकेला, बिना किसी संतान के।
  • ख़ैरुल वारिसीन: सबसे अच्छा वारिस, जो सबसे बेहतर तरीके से बाकी रहने वाला हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) की वो दुआ याद करें, जब उन्होंने अपने रब को पुकारा। वे बूढ़े हो चुके थे, उनकी हड्डियाँ कमज़ोर हो गई थीं, और उनके सिर के बाल सफ़ेद हो गए थे। उनके पास कोई संतान नहीं थी जो उनके बाद उनके धार्मिक और दुनियावी मामलों को संभाले। उन्होंने अपने रब से अकेलेपन की शिकायत की और कहा: "ऐ मेरे रब! मुझे अकेला न छोड़, मुझे एक अच्छा बेटा दे जो मेरा वारिस हो और तेरे दीन की सेवा करे।" उन्होंने यह भी कहा: "तू सबसे अच्छा वारिस है, तू ही सबसे अच्छा बाकी रहने वाला है।" यानी, जब सब कुछ खत्म हो जाता है, तो तू ही बाकी रहता है, और तू ही सबसे अच्छा उत्तराधिकारी है। उन्होंने यह दुआ पूरी विनम्रता और आशा के साथ की, और अल्लाह ने उनकी दुआ कबूल की और उन्हें यहया (अलैहिस्सलाम) जैसा नेक बेटा अता किया।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से दुआ करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम अपनी ज़रूरत को उसके सामने रखें और उसी से मदद माँगें। ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने जिस तरह अपने रब को पुकारा, वह हमारे लिए एक आदर्श है। वे निराश नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अल्लाह की रहमत पर पूरा भरोसा किया। यह हमें सिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, अल्लाह की दया से हमेशा उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह हर दुआ सुनता है और वह सबसे अच्छा देने वाला है। हमें भी चाहिए कि अपनी हर ज़रूरत में अल्लाह से दुआ करें, क्योंकि वही सबसे बड़ा सहारा है और वही सबसे अच्छा वारिस है।

🎧 सुनें

📜 आयत 87-91 — अल-अंबिया

87وَذَا النُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَاضِبًا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقْدِرَ عَلَيْهِ فَنَادَىٰ فِي الظُّلُمَاتِ أَن لَّا إِلَٰهَ إِلَّا أَنتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنتُ مِنَ الظَّالِمِينَ
और जुन्नून (यूनुस को याद करो) जबकि गुस्से में आकर चलते हुए और ये ख्याल न किया कि हम उन पर रोज़ी तंग न करेंगे (तो हमने उन्हें मछली के पेट में पहुँचा दिया) तो (घटाटोप) अंधेरे में (घबराकर) चिल्ला उठा कि (परवरदिगार) तेरे सिवा कोई माबूद नहीं तू (हर ऐब से) पाक व पाकीज़ा है बेशक मैं कुसूरवार हूँ
88فَاسْتَجَبْنَا لَهُ وَنَجَّيْنَاهُ مِنَ الْغَمِّ ۚ وَكَذَٰلِكَ نُنجِي الْمُؤْمِنِينَ
तो हमने उनकी दुआ कुबूल की और उन्हें रंज से नजात दी और हम तो ईमानवालों को यूँ ही नजात दिया करते हैं
89وَزَكَرِيَّا إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُ رَبِّ لَا تَذَرْنِي فَرْدًا وَأَنتَ خَيْرُ الْوَارِثِينَ
और ज़करिया (को याद करो) जब उन्होंने (मायूस की हालत में) अपने परवरदिगार से दुआ की ऐ मेरे पालने वाले मुझे तन्हा (बे औलाद) न छोड़ और तू तो सब वारिसों से बेहतर है
90فَاسْتَجَبْنَا لَهُ وَوَهَبْنَا لَهُ يَحْيَىٰ وَأَصْلَحْنَا لَهُ زَوْجَهُ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا يُسَارِعُونَ فِي الْخَيْرَاتِ وَيَدْعُونَنَا رَغَبًا وَرَهَبًا ۖ وَكَانُوا لَنَا خَاشِعِينَ
तो हमने उनकी दुआ सुन ली और उन्हें यहया सा बेटा अता किया और हमने उनके लिए उनकी बीबी को अच्छी बता दिया इसमें शक नहीं कि ये सब नेक कामों में जल्दी करते थे और हमको बड़ी रग़बत और ख़ौफ के साथ पुकारा करते थे और हमारे आगे गिड़गिड़ाया करते थे
91وَالَّتِي أَحْصَنَتْ فَرْجَهَا فَنَفَخْنَا فِيهَا مِن رُّوحِنَا وَجَعَلْنَاهَا وَابْنَهَا آيَةً لِّلْعَالَمِينَ
और (ऐ रसूल) उस बीबी को (याद करो) जिसने अपनी अज़मत की हिफाज़त की तो हमने उन (के पेट) में अपनी तरफ से रूह फूँक दी और उनको और उनके बेटे (ईसा) को सारे जहाँन के वास्ते (अपनी क़ुदरत की) निशानी बनाया
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अनुवाद — अल-अंबिया 89

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Tuesday, August 18, 2026

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