Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَحْيَاكُمْ (अह्याकुम): तुम्हें जीवन दिया।
- يُمِيتُكُمْ (युमीतुकुम): तुम्हें मृत्यु देता है।
- يُحْيِيكُمْ (युह्यीकुम): तुम्हें दोबारा जीवित करेगा।
- لَكَفُورٌ (लकफूर): बहुत अधिक कृतघ्न, नेमतों का इनकार करने वाला।
तफसीर:
अल्लाह तआला ही वह (एकमात्र) है जिसने तुम्हें पहले जीवन दिया—जब तुम कुछ भी नहीं थे, उसने तुम्हें पैदा किया, तुम्हारी माँ के पेट में तुम्हारी रचना की, और तुम्हें इस दुनिया में जीवित किया। फिर जब तुम्हारी नियत (अवधि) पूरी हो जाती है, तो वही तुम्हें मृत्यु देता है। और फिर क़यामत के दिन वही तुम्हें दोबारा जीवित करेगा, ताकि तुम्हारे अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब लिया जाए और हर किसी को उसके कर्मों का पूरा बदला दिया जाए।
यह एक स्पष्ट और बड़ी निशानी है—जीवन, मृत्यु, और फिर दोबारा जीवन—जो अल्लाह की पूर्ण शक्ति और उसकी एकता पर दलील देती है। इसके बावजूद, इंसान बड़ा कृतघ्न और नाशुक्रा है। वह अल्लाह की इन स्पष्ट नेमतों को देखते हुए भी उसका इनकार करता है, और उसके साथ दूसरों को पूजता है, अपने रब की नेमतों का अहसान भूल जाता है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! ज़रा सोचिए—जिस अल्लाह ने हमें माँ के पेट में पाला, जन्म दिया, हमें तंदुरुस्ती, खाना, पानी, माँ-बाप, और हर ज़रूरी चीज़ दी, क्या हम उसका शुक्र अदा करते हैं? जब हम बीमार होते हैं, तो वही शिफ़ा देता है; जब हम मुसीबत में होते हैं, तो वही राहत देता है। फिर भी हम उसे भूल जाते हैं और अपनी ज़िंदगी में उसके हुक्मों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
याद रखिए! यह ज़िंदगी खत्म होने वाली है, मौत हर हाल में आएगी, और फिर हम सब दोबारा ज़िंदा होकर अपने रब के सामने खड़े होंगे। उस दिन हमसे पूछा जाएगा कि हमने अपनी ज़िंदगी कैसे बिताई, अपनी जवानी किस काम में लगाई, और अपने रब की नेमतों का शुक्र कैसे अदा किया। इसलिए आज ही उठें, अपने रब की तरफ रुजू करें, उसकी इबादत करें, और उसके दिए हुए हर अहसान का शुक्र अदा करें। अल्लाह हमें सबको सच्ची शुक्रगुज़ारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 64-68 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 66
सूरा अल-हज आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो क़ादिर मुत्तलिक़ है जिसने तुमको (पहली बार…सूरा आयत 66/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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